श्मशान घाट की जगह पर कब्जे के विरोध में गुरुवार सुबह हिंदू नगर के लोगों
ने अलीगंज तिराहे पर जाम लगा दिया। स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा काटा। जाम
के चलते कानपुर-दिल्ली और फर्रुखाबाद मार्ग बाधित हो गया। आक्रोशित लोगों
ने श्मशानघाट पर खड़ी की गई दीवार को तोड़कर उसकी ईंटें तालाब में फेंक
दीं। जाम लगने की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस से नोकझोंक तक हुई। बाद
में पहुंचे एसडीएम ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लगभग सवा घंटे बाद जाम
खुलवाया।
गुरुवार सुबह करीब नौ बजे हिंदू नगर की महिलाएं, पुरुष और बच्चे अलीगंज
तिराहे पर एकत्रित हो गए। सड़क पर आड़े-तिरछे तख्त और अन्य सामान लगाकर
जीटी रोड को बंद कर दिया। नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना
है कि वह गिहारा आदिवासी भोटिया और बोबसा जाति के लोग हैं और हिंदू नगर में
रह रहे हैं। जहां उनका श्मशान स्थल है, लेकिन कुछ लोग इस जमीन को खुद की
बताकर जबरन कब्जा कर रहे है। 16 अप्रैल को कब्जा करने की शिकायत एसडीएम और
थाना पुलिस से की थी। लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर जांच की और एक सप्ताह का
समय दिया, लेकिन 21 अप्रैल को आरोपियों ने कब्जा करने की नीयत से दीवार
खड़ी कर दी और समाधि स्थलाें को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। जब विरोध किया तो
जान से मारने की धमकी देकर वहां से भगा दिया।
जाम लगा रहे लोगों ने
तत्काल कार्रवाई कर जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की। जाम लगने की
सूचना पर एसडीएम सदर अजीत कुमार सिंह कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंच गई
और आश्वासन देकर जाम खुलवाया। इस मौके पर राजू, सर्वेश, रामखिलाड़ी,
सुनहरीलाल, दिनेश, अमर, मनोज आदि लोग मौजूद थे।
गर्मी के चलते परेशान रहे लोग
जाम
लगने से दिल्ली-कानपुर और फर्रुखाबाद मार्ग बाधित पूरी तरह से बाधित हो
गया। इसके चलते जीटी रोड पर दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। गर्मी में जाम
में फंसे लोग परेशान हुए। उनसे प्रदर्शनकारियों की कहासुनी तक हो गई। जाम
में एंबुलेंस तक फंस गई। वहीं गर्मी के चलते बसों में बैठीं सवारियां भी
परेशान दिखीं।
लेखपाल, कानूनगो और नायब तहसीलदार की टीम गठित
कर उक्त जगह की पैमाइश कराकर समस्या का समाधान कर दिया है। अब वहां कोई
कब्जा नहीं है।
-अजीत कुमार सिंह, एसडीएम