निधौली कलां। मंडी समिति में मां सरस्वती धौलेश्वर गोशाला संचालित की जा रही है। वर्तमान में यहां क्षमता से दोगुनी गाय संरक्षित हैं। लेकिन व्यवस्थाएं जस की तस हैं। ऐसे में शेड छोटा पड़ जाता है। दोपहर के समय गाय धूप में बैठने को मजबूर होती हैं। देखभाल, उपचार में भी लापरवाही हो रही है। करीब 50 गाय खुजली, मुंहपका और कलीली रोग से पीड़ित हैं। जबकि दो गाय की हालत ज्यादा नाजुक है।गोशाला से 100 मीटर की दूरी पर ब्लॉक पशु चिकित्सालय स्थित है। लेकिन पशु चिकित्सकों की लापरवाही के चलते गोवंशों को समय से उपचार नहीं मिल पा रहा है। गोशाला में भी पशु केयर यूनिट खुली हुई है। लेकिन स्थायी रूप से कोई डॉक्टर न होने की वजह से हालात नहीं सुधर रहे हैं। इनमें दो गाय इतनी अधिक बीमार हैं कि मरणासन्न हालत में पहुंच चुकी हैं।
पांच वर्ष पहले 100 गाय की क्षमता के लिए मंडी समिति में गोशाला की व्यवस्था की गई थी। वर्तमान में 215 गाय हो चुकी हैं। इसके बावजूद व्यवस्थाएं नहीं बढ़ाई गईं हैं। गायों की रहने की व्यवस्था को लेकर केयरटेकर का अभाव लंबे अंतराल से चला आ रहा है। गाइडलाइन के अनुसार 30 गायों पर एक केयरटेकर होना चाहिए। इस तरह यहां आठ केयर टेकर की जरूरत है। लेकिन चार से ही काम चलाया जा रहा है। जिसकी वजह से स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाएं ढंग से व्यवस्थित नहीं हो पा रही हैं।
गोशाला में गायों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए ब्लॉक पशु चिकित्सालय के चिकित्साधिकारी को पूरी जानकारी दी जाती है। यहां स्थायी चिकित्सक के अभाव में गायों की स्वास्थ्य सेवाएं बिगड़ रही हैं। भीषण गर्मी में गायों को रखने के लिए नया टिनशेड प्रस्तावित है। चुनाव आचार संहिता के चलते यह काम नहीं हो सका है। अब इसे जल्द कराया जाएगा।-दिनेश चंद्र शर्मा, बीडीओ