उत्तर प्रदेश के एटा में थाना अवागढ़ क्षेत्र में 13 सितंबर 2015 को एक महिला की हत्या कर दी गई थी। मामले में दोषी पाए गए व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
जिला न्यायालय में एडीजे कोर्ट में चले मुकदमे के बाद 14 अक्तूबर को निर्णय आया है। घटना 13 सितंबर 2015 की है। सुभाष निवासी सीएल खेड़ा संत आश्रम के पास थाना व जिला हाथरस को अपनी चाची बेबी के मायके नगला ब्लॉक कस्बा व थाना अवागढ़ पहुंचा। यहां कुछ देर बैठने के बाद उसने तमंचा निकालकर चाची की बहन सोनी की कनपटी पर रखकर गोली चला दी। इससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी।
चीख पुकार सुनकर पहुंचे लोगों ने कुछ समय बाद ही सुभाष को पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से तमंचा और एक 315 बोर का खोखा कारतूस व मिस कारतूस 12 बोर बरामद किया। वहीं सोनी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
सभी गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर सोमवार को मुकदमे में निर्णय दिया गया। जिसके तहत दोषी सुभाष पर 10000 रुपये का जुर्माना लगाया गया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। दोषी अगर अर्थ दंड देने में असमर्थ है, तो ऐसे में एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
चोरी के दोषी को तीन माह जेल की सजा
कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला नई बस्ती निवासी चोरी के दोषी पाए गए संजू को तीन माह का कारावास के दंड से दंडित किया गया है। न्यायालय जूनियर डिवीजन की ओर से दोषी संजू को जेल में बताई गई अवधि लगभग तीन माह के दंड से दंडित किया गया है।
न्यायालय उठने तक की सजा और अर्थदंड
मॉनिटरिंग सेल की प्रभावी पैरवी के चलते आबकारी अधिनियम के मामले में दोषी को न्यायालय उठने तक की सजा और अर्थ दंड से दंडित किया गया है। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट एटा ने आरोपी राम सिंह निवासी गेसिंगपुर थाना जसरथपुर को आबकारी अधिनियम के मामले में न्यायालय उठने तक की सजा और 500 रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया है।