मेडिकल कॉलेज की लैब में जांच के लिए मरीजों की लगी भीड़। संवाद
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एटा। बुखार के प्रकोप के बीच भी मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं का दौर जारी है। मंगलवार को पैथोलॉजी लैब में जांच व्यवस्था लड़खड़ा गई। बार कोड स्टीकर समाप्त होने पर मरीजों के पंजीकरण नहीं हो सके। घंटों इंतजार करने के बाद मरीजों को मायूस लौटना पड़ा।
बुखार के प्रकोप के चलते मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी में प्रतिदिन छह हजार से अधिक जांचें की जा रही हैं। मंगलवार सुबह पैथोलॉजी के बाहर जांच के लिए रजिस्ट्रेशन कराने बड़ी संख्या में मरीज पहुंच गए, लेकिन एक घंटे बाद ही पैथोलॉजी में बार कोड स्टीकर समाप्त हो गए। जिसके चलते पंजीकरण बंद कर दिए गए। कुछ ही मरीजों का पंजीकरण हो सका था।
अन्य मरीज परेशान हो गए। पैथोलॉजी में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा उन्हें बार-बार बताया गया कि बार कोड समाप्त हो गया है, ऐसे में जांच नहीं हो पाएगी, लेकिन मरीज सुनने को तैयार नहीं थे। इस दौरान कई बार हंगामेदार स्थिति भी बनी। घंटों तक जब रजिस्ट्रेशन नहीं हुए तो मरीज बिना जांच कराए लौट गए।
प्राइवेट कंपनी द्वारा दिए जाते हैं स्टीकर
पैथोलॉजी लैब में बार कोड स्टीकर सहित लैब संबंधित अन्य संसाधनों की सप्लाई का ठेका एक प्राइवेट कंपनी को दिया गया है। सूत्रों की मानें तो कंपनी ने काफी दिनों से पैथोलॉजी को स्टीकर नहीं दिए। जिसके चलते मंगलवार को जांच की समस्या खड़ी हो गई।
जांच की कतार में सर्वाधिक बुखार के मरीज
मेडिकल कॉलेज में बीते कुछ दिनों से सर्वाधिक जांचे बुखार पीड़ितों की हो रही थीं। मंगलवार को भी लैब में सर्वाधिक मरीज जांच कराने की कतार में बुखार के ही थे। मलेरिया, डेंगू, टायफाइड की जांचें सर्वाधिक लिखी गई थीं।