एटा। दिन-प्रतिदिन बढ़ रही गर्मी और अचानक मौसम में आ रहे बदलाव से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में उल्टी, दस्त व डायरिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसी बीच रविवार को बुखार से पीड़ित मासूम और पेट दर्द से जूझ रहे बुजुर्ग की मौत हो गई।
थाना बागवाला क्षेत्र के अहमदाबाद निवासी पांच वर्षीय अंकित को शुक्रवार शाम तेज बुखार आया था। परिजन उसे पास के गांव बाहनपुर स्थित निजी चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक के उपचार के बाद भी मासूम की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। रविवार सुबह हालत नाजुक होने पर उसे जिला मेडिकल कॉलेज लाया गया। यहां चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। चाचा अमरपाल का कहना है कि अगर समय रहते सही उपचार मिलता तो शायद बच्चे की जान बच सकती थी।
इसके अलावा जिला फिरोजाबाद के थाना जसराना क्षेत्र के नगला काछी निवासी मोहरपाल(70) एटा के कोतवाली देहात क्षेत्र में गुरुकुल के समीप आश्रम में रह रहे थे। शनिवार शाम उन्होंने पेट दर्द की शिकायत की। साथी प्रदीप कुमार उन्हें जिला मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में लेकर पहुंचे। यहां उपचार के दौरान देर शाम उनकी मौत हो गई। उनकी धेवती मोहिनी रविवार को पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंची। उन्होंने बताया कि बाबा मोहर पाल उर्फ मोहर सिंह काफी समय से साधु बन गए थे और एटा में रह रहे थे।
मेडिकल कॉलेज में उमड़ रही भीड़
मौसम में हो रहे बदलाव का सीधा असर मेडिकल कॉलेज में दिखने लगा है। शनिवार रात से इमरजेंसी में उल्टी, दस्त और डायरिया से पीड़ित सबसे ज्यादा मरीज पहुंचे। चिकित्सक ने बताया कि अधिकांश मरीज डिहाइड्रेशन व खराब खानपान की वजह से पीड़ित थे। मेडिकल कॉलेज में अंशिका, नीरज, निशा, सुमन, ओमप्रकाश, आरती, राहुल, ओमश्री और विशेष कुमार सहित कई मरीजों का इलाज चल रहा है।
सीएमएस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि मौसम बदलने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, जिससे बच्चे और बुजुर्ग जल्दी बीमार हो जाते हैं। उन्होंने कहा गर्मी के मौसम में साफ पानी पीएं, बाजार का और बासी तथा दूषित भोजन के सेवन से बचें। कोई भी परेशानी होने पर चिकित्सक के परामर्श से ही दवा का सेवन करें।