एटा। विकासखंड व थाना जैथरा निवासी गुरबचन ने तत्कालीन चकबंदीकर्ता के खिलाफ शिकायत की थी। इसके बाद जांच में सत्यता पाए जाने पर थाना उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान आगरा में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
गुरबचन ने शिकायत की थी कि विकासखंड जैथरा तहसील अलीगंज में नियुक्त चकबंदीकर्ता गजेंद्र सिंह ने कस्बा जैथरा में स्थित उसकी भूमि की पैमाइश और कब्जा दिलाने के लिए रिश्वत ली है। गुरबचन ने शिकायत उत्तर प्रदेश शासन सतर्कता अनुभाग से की थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान आगरा सेक्टर की ओर से जांच की गई। जांच में पाया गया कि गजेंद्र सिंह ने वर्ष 2021 में कस्बा जैथरा स्थित गुरबचन की भूमि की पैमाइश और कब्जा दिलाने के लिए रिश्वत के रूप में दो लाख रुपये लिए थे। जिसके बाद आरोपी गजेंद्र सिंह को धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित 2018 के तहत दंडनीय पाया गया है। जांच के बाद तत्कालीन चकबंदीकर्ता गजेंद्र सिंह के खिलाफ सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। संवाद