कोतवाली क्षेत्र के चौहान नगर निवासी एक खाद बीज विक्रेता को साइबर ठगों ने कृषि उपकरणों की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर जाल में फंसा लिया। जीएसटी नंबर और अन्य दस्तावेज लेने के बाद महाराष्ट्र में फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये का लेन-देन किया। कुछ दिनों पहले जब व्यापारी को 4.61 करोड़ रुपये जीएसटी रिटर्न भरने का नोटिस मिला तो होश उड़ गए। न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कराई है।
चौहान नगर निवासी ऋषभ राठौर ने बताया कि वह अमर किसान सेवा केंद्र के संचालक हैं। उन्होंने फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा, जिसमें जिलास्तर पर कृषि संबंधी सामान बेचने के लिए फ्रेंचाइजी देने की बात कही गई थी। जब बताए गए नंबरों पर संपर्क किया तो विवेक पवार नाम के शख्स बात हुई। इसके बाद फोन व व्हाट्सअप पर भी चेटिंग होने लगी। फ्रेंचाइजी देने के लिए उनसे जीएसटी रजिस्ट्रेशन, बैंक खाता विवरण, आधार, पैन कार्ड आदि ले लिए गए। इसके कुछ दिन बाद उन्हें जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के लिए एक विभागीय पत्र मिला। जब इस बारे में फ्रेंचाइजी देने वाले शख्स से बात की तो बात करना बंद कर दिया। आठ अप्रैल, 2026 को उन्हें जीएसटी विभाग से एक नोटिस मिला। इसमें उनके खाते से करीब 25.65 करोड़ रुपये का लेन-देन दर्शाया गया। उन पर 4.61 करोड़ रुपये जीएसटी बकाया बताया गया। ठगों ने उनके जीएसटी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्म बनाई। फर्जी लेनदेन किया और बिल आदि जारी किए। इसकी शिकायत जब कोतवाली में दर्ज करानी चाही तो कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। न्यायालय के आदेश पर साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।