एटा। डिपो में इस समय चालकों की कमी है, जिसकी वजह से कई लोकल रूटों पर बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। लोगों को निजी या डग्गामार वाहनों का सहारा लेकर आवागमन करना पड़ रहा है। 2 और 3 दिसंबर को हुई चालक भर्ती में मात्र 41 आवेदकों का ही चयन हो सका है।
डिपो के पास वर्तमान में 81 निगम की बसें हैं। इनका संचालन करने के लिए 195 चालकों की जरूरत है। कमी के चलते कई बसें दिन भर वर्कशॉप या स्टैंड में खड़ी रहती हैं। जिसके कारण लोकल मार्गों पर चलने वाली बसों का संचालन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। सकीट, मारहरा, अतरंजीखेड़ा और अन्य कस्बों के लिए बसें नियमित रूप से नहीं चल पा रही हैं। इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
इन स्थानों से प्रतिदिन शहर आकर मजदूरी करने वाले लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। निजी या डग्गामार वाहन से सफर करने को मजबूर हैं। इसमें उन्हें किराया भी अधिक देना पड़ रहा है और गंतव्य तक पहुंचने में भी काफी दिक्कत होती है।