मेडिकल कॉलेज के टीबीसीडी विभाग में सांस के मरीजों को उपचार देते चिकित्सक। संवाद
एटा। मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ चेस्ट डिसीज एंड ट्यूबरक्लोसि (टीबीसीडी) विभाग में उमस की वजह से सांस लेने में दिक्कत के मरीज बढ़ रहे हैं। इनमें बुजुर्गों की संख्या अधिक है। शनिवार को सांस समेत अन्य बीमारियों के 160 मरीजों को उपचार दिया गया।
मेडिकल कॉलेज के भूतल में संचालित टीबीसीडी विभाग में क्षय रोग के साथ सांस फूलने की बीमारी के मरीज उपचार लेने के लिए पहुंचे। क्षय रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवांक ने बताया कि उमस भरी गर्मी से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। बताया कि 50 से अधिक उम्र के लोग उपचार के लिए आ रहे हैं। सांस उखड़ने और फूलने की समस्या के 70 मरीजों को उपचार दिया गया। उन्होंने सांस के मरीजों को धूल वाले इलाकों से बचकर रहने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि 50 से अधिक मरीज क्षय रोग के आ रहे हैं। क्षय रोग के मरीजों में कुछ पुराने भी हैं, जिनका उपचार लगातार जारी है। इसके अलावा कई दिनों से लगातार खांसी के मरीज भी उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। उनकी क्षय रोग की जांच कराई जा रही है।
इन बातों का रखें ख्याल
- धूल भरे वातावरण में जानें से बचें।
- घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें।
- सांस लेने में दिक्कत होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।
- उमस भरी गर्मी में कठिन परिश्रम न करें।