एटा। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने छात्रवृत्ति में पारदर्शिता लाने के लिए एक और कदम उठाया है। अब हर विद्यालय में बायोमैट्रिक मशीन से विद्यार्थियों की हाजिरी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए की गई नई व्यवस्था को लेकर कई विद्यालय संचालकों में बेचैनी की स्थिति बनी हुई है।
जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधीन 24 राजकीय, 54 सहायता प्राप्त और 499 वित्तविहीन विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। इन विद्यालयों में छात्रवृत्ति को लेकर हो रही शिकायतों पर अमल किया गया है और अब बायोमैट्रिक मशीन से विद्यार्थियों की हाजिरी लगाने का फरमान जारी हुआ है। अभी तक विद्यार्थियों की हाजिरी में खेल कर उनको छात्रवृत्ति के लिए पात्र बना दिया जाता था।
अब 75 फीसदी हाजिरी बायोमैट्रिक मशीन से होने पर ही छात्रवृत्ति जारी की जाएगी। विद्यालयों को समाज कल्याण विभाग को बायोमैट्रिक हाजिरी दिखानी होगी। इसके बाद ही आगे की प्रक्रियाएं होंगी। जिला विद्यालय निरीक्षक मिथलेश कुमार ने बताया कि विद्यार्थियों की हाजिरी लगाने के लिए बायोमैट्रिक मशीन विद्यालयों में अनिवार्य की गई है। 75 फीसदी हाजिरी समाज कल्याण विभाग में जमा करने पर छात्रवृत्ति जारी की जाएगी। शासनादेश का पालन सभी को करना होगा।