एटा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर ई-केवाईसी व चेहरा प्रमाणीकरण में आ रही समस्याओं के संबंध में कार्यरत कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को जिलाधिकारी के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के पदाधिकारी शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर पहुंचे। यहां समस्याओं के संबंध में जिलाधिकारी के नाम नायब तहसीलदार शाश्वत अग्रवाल को ज्ञापन सौपा। जिलाध्यक्ष धनदेवी ने कहा कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं का शोषण व मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। पूर्व में प्रदेश सरकार की ओर से कार्य करने के लिए मोबाइल दिए गए थे, जो अच्छी गुणवत्ता के ना होने के कारण खराब हो गए।
अब ई-केवाईसी चेहरा प्रमाणीकरण करने का लगातार दबाव बनाया जा रहा है और सेवा समाप्त करने की धमकियां दी जा रही हैं। जिससे वह मानसिक रूप से तनाव ग्रसित हो रही हैं। हर विभाग का कार्य उनसे ही लिया जा रहा है, सहयोग के नाम पर पूरे दिन बिना साधन पैसे के कार्य कराए जा रहे हैं।
ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने कहा मोबाइल से प्रमाणीकरण पूर्ण रूप से बंद हो, लाभार्थियों को सुविधा के लिए आधार, मोबाइल लिंक के लिए सरकार विभागों से कराया जाए। प्रधानों का हस्तक्षेप बंद हो। हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए रिटायरमेंट पर ग्रेविटी दी जाए। शांति देवी, विजयलक्ष्मी, मंजू देवी, किरण, कमलेश कुमारी, प्रवेश कुमारी सहित तमाम महिलाएं मौजूद रही।
नहीं हो सका ईकेवाईसी व चेहरा प्रमाणीकरण
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि ईकेवाईसी और चेहरा प्रमाणीकरण के लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को 20 जून का समय दिया गया था। लेकिन उनके द्वारा कार्य में लापरवाही बरती गई है। अब तक कुल 27.15 प्रतिशत ईकेवाईसी ही हो सकी है। कुल 1864 केंद्रों में से 50 केंद्र पर ईकेवाईसी नहीं हुई।
इतनी हुईं
अलीगंज में 293 के सापेक्ष 166
अवागढ़ में 180 के सापेक्ष 21
जैथरा में 215 के सापेक्ष 97
जलेसर में 191 के सापेक्ष 33
मारहरा में 191 के सापेक्ष 25
निधौली में 221 के सापेक्ष 54
सकीट में 228 के सापेक्ष 66
शीतलपुर में 235 के सापेक्ष 24
अर्बन एटा में 110 के सापेक्ष 20