कचहरी रोड स्थित प्राइवेट क्लिनिक पर बैठे मरीज ।संवाद
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एटा। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अभी डेंगू के केस नहीं आए हैं। मलेरिया के मामले भी काफी कम हैं, लेकिन प्राइवेट नर्सिंग होम में मलेरिया और डेंगू के लक्षणों के मरीज लगातार मिल रहे हैं। इसको लेकर प्रत्येक सीएचसी-पीएचसी पर लक्षण वाले बुखार पीड़ितों की दोनों जांच कराने निर्देश दिए गए हैं।
इन दिनों मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 70 से 80 बुखार के रोगी पहुंच रहे हैं। कॉलेज में मलेरिया की जांच किट द्वारा हो रही है। इनमें से एक-दो लोगों को मलेरिया की पुष्टि हो रही है। जबकि डेंगू का अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है। दूसरी ओर नर्सिंग होमों में मलेरिया के तमाम रोगी भर्ती हैं। इतना ही नहीं निजी पैथॉलोजी लैब में प्रतिदिन डेंगू के मरीज मिल रहे हैं।
इसको लेकर सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने सभी सीएचसी-पीएचसी प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि बुखार रोगियों की मलेरिया के साथ ही डेंगू की जांच भी किट के माध्यम से कराई जाए। वहीं प्रत्येक पीएचसी-सीएचसी पर अलग से मलेरिया वार्ड बनाने के निर्देश जारी किए हैं।
संभावित डेंगू मरीज को करें कॉलेज रेफर
सीएमओ ने प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि डेंगू का संभावित केस दिखे तो किट से उसकी जांच कर तत्काल मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाए। जिससे मरीज को डेंगू का उपचार मिल सके।
लैब-नर्सिंग होम से मांगी सूचना
सीएमओ ने जिले के सभी पैथॉलोजी लैब और नर्सिंग होम संचालकों को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि अगर किसी व्यक्ति में मलेरिया व डेंगू के लक्षण मिलें तो तत्काल उसकी सूचना उपलब्ध कराएं। जिससे उस क्षेत्र में कार्रवाई की जा सके। इसी संदर्भ में मंगलवार को सीएमओ ने अपने कार्यालय में एक बैठक भी की।