एटा। प्राइवेट बैंकों से राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने करार खत्म कर दिए जाने से जनपद में बीसी सखियाें द्वारा इस्तेमाल की जा रही पेनीयर बैंक भी इनमें शामिल है। करार खत्म करने से जिले में कार्यरत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 950 बीसी सखी बेरोजगार हो गईं हैं।
बीसी सखी गांव-गांव जाकर बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही थीं। उपभोक्ताओं को पैसा निकालने के लिए बैंक तक नहीं जाना पड़ रहा था। बैंक सखी द्वारा उपभोक्ता के फिंगर प्रिंट और आधार कार्ड के माध्यम से वॉलेट से उपभोक्ताओं नगद पेमेंट उपलब्ध करा दिया जाता है। इसके एवज में निर्धारित कमीशन उन्हें दिया जा रहा था।
शासन को भेजी गई रिपोर्ट
बीसी सखियों को पेनीयर बैंक की एल-वन श्रेणी की डिवाइस दी गई थी। डिवाइस शुरुआत में तो ठीक-ठाक चली लेकिन बाद में इसमें दिक्कत आने लगी। बैंक की कोई शाखा एटा में नहीं है। इसलिए बीसी सखियों की परेशानी का समाधान भी नहीं हो पा रहा था। इसके साथ-साथ उपभोक्ताओं के गोपनीय डाटा की सुरक्षा में सेंध की आशंका नजर आने लगी। इसकी रिपोर्ट शासन को पत्राचार को भेजी गई। शासन से विभाग को निर्देश मिले हैं कि बैंक सखियों की सुविधानुसार एसबीआई, पीएनबी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में से कोई चयन कर सकते हैं। इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेज दी गई है। अब नए बैंक से करार के बाद बीसी सखियों को काम करने में आसानी हो सकेगी।
आंकड़े-
422 सखियां पंजीकृत हैं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में
360 बीसी सखी कर रहीं सुचारु रूप से कार्य
300 से अधिक ग्राम पंचायतों में कार्य कर रहीं बीसी सखियां
एटा में बीसी सखियां ट्रांजेक्शन के लिए पेनीयर बैंक का इस्तेमाल कर रही हैं। पेमेंट करने में अक्सर दिक्कत आ रही थी। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। शासन द्वारा करार खत्म होने के बाद फिलहाल बैंक सखियों का काम बंद हो गया है।
- विकल कुमार, उपायुक्त स्वत: रोजगार