तस्करी को लिए जा रहे माल को अब उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर ही पकड़ लिया जाएगा। वाणिज्य कर विभाग प्रदेश के सभी बॉर्डरों पर आटोमेटिक स्कैनर लगाने जा रहा है। ये स्कैनर वाहनों में जाने वाले माल को स्कैन कर उसकी सही रिपोर्ट एक सेंट्रलाइज्ड सिस्टम के जरिए वाणिज्य कर विभाग के सभी ऑफिसों तक पहुंचाएंगे। इससे न केवल टैक्स चोरी रुकेगी बल्कि अवैध हथियार और ड्रग्स की तस्करी पर भी लगाम लगेगी।
गाजियाबाद इकाई के एडिशनल कमिश्नर अंब्रेश श्रीवास्तव ने बताया कि सभी बॉर्डरों पर एक कंप्यूटराइज्ड कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। यहां से गाड़ी गुजरते ही गाड़ी को एक टोकन दिया जाएगा। यह टोकन पूरे रास्ते पर कहीं भी चेक किया जा सकेगा। अगर गाड़ी किसी गलत रूट पर जाती है तो टोकन नंबर के जरिए पता चल सकेगा। साथ ही बॉर्डर पर ही गाड़ी में जाने वाले माल का पूरा ब्यौरा कंप्यूटराइज्ड कंट्रोल रूम के जरिए विभाग के सिस्टम में होगा। कहीं भी इसकी जांच की जा सकेगी।
वाणिज्य कर सलाहकार समिति की ओर से प्रस्ताव को हरी झंडी मिल चुकी है। शासन की मुहर लगते ही सभी बॉर्डरों पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। विभाग का दावा है कि इस सिस्टम से नेपाल से होने वाले माल और हथियारों की तस्करी पर लगाम लगाई जा सकेगी।
कैसे काम करेंगे स्कैनर
कंट्रोल रूम के साथ विभाग की एक गेट रूपी स्कैनर लगाने की योजना है। स्कैनर के नीचे आते ही गेट में लगे सेंसर गाड़ी के अंदर रखे माल ब्यौरा कंप्यूटर पर ऑनलाइन कर देंगे। स्कैनर गाड़ी में छिपे माल का भी पता लगा सकेगा। जिससे छिपाकर ले जाए जा रहे हथियारों, ड्रग्स और अवैध सामान को आसानी से पकड़ा जा सकेगा।