उत्तर प्रदेश के आगरा में सिपाही भर्ती परीक्षा में इस बार सॉल्वर के मंसूबे पूरे नहीं हुए लेकिन फर्जी अभ्यर्थियों ने खूब सेंध लगाई। पांच दिन आयोजित परीक्षाओं में आठ फर्जी अभ्यर्थियों को पकड़ा गया। ज्यादातर ने अपने मूल दस्तावेज में छेड़खानी कर दोबारा प्रपत्र तैयार कराए थे। एसटीएफ ने आगरा में तीन शातिर ठगों को भी पकड़ा जो अभ्यर्थियों को जाल में फंसाकर ठगने पहुंचे थे।
कमिश्नरेट में शनिवार को सिटी जोन में 27 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित हुई। पहली पाली में 8160 अभ्यर्थी परीक्षा देने आए। दूसरी पाली में 7814 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। पहले चरण में 23, 24 और 25 अगस्त को परीक्षा आयोजित की गई थी। इस तरह पांच दिन में 1,17,600 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 78,687 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।
इस बार सॉल्वर और फर्जी अभ्यर्थियों को रोकने के लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए थे। दस्तावेज की गहन चेकिंग, बायोमेट्रिक माध्यम से की गई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद भी ली गई। परीक्षा केंद्रों के आसपास भी लोगों को फटकने नहीं दिया।
इतनी सख्ती के बाद भी परीक्षा में सेंध लगाने के लिए फर्जी अभ्यर्थी पहुंच गए। पहले ही दिन एक फर्जी अभ्यर्थी आधार कार्ड और हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की दूसरी मार्कशीट लेकर पहुंचा। उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया। पांच दिन में कुल आठ फर्जी अभ्यर्थी पकड़े गए। दस्तावेज में हेरफेर करके पुलिस की वर्दी पहनने का सपना संजोकर ये पहुंचे थे।
थाने के सामने होटल में ठहरे थे...
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने शुक्रवार की देर रात ट्रांस यमुना थाने के सामने होटल में ठहरे तीन ठगों को गिरफ्तार किया। इस गैंग के तार बिहार के सॉल्वरों से जुड़े थे। यह सिपाही भर्ती में आने वाले अभ्यर्थियों को भर्ती का झांसा देकर ठगी करने के लिए पहुंचे थे, लेकिन एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया।