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यूपी: यहां थर्ड डिग्री के दौरान ‘शैतान’ बन जाती है खाकी

Sun, 16 Jun 2013 01:37 AM IST
गाजियाबाद/ब्यूरो
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हिरासत में शकील की मौत के बाद पुलिस पुलिस सवालों में है। इंदिरापुरम थाने में हवालात में डबल मर्डर के आरोपी विनीत की मौत का मामला दो महीने पहले सुर्खियां बना था।
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तब इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसवाले सस्पेंड हुए थे अब आठ पुलिसवालों पर गाज गिरी है। बड़ा सवाल ये है कि आखिर क्यों बंदी से पूछताछ के दौरान पुलिस ‘शैतान’ बन जाती है।

अभी अधर में है इंदिरापुरम कांड की जांच
इंदिरापुरम थाने की हवालात में हुई बंदी विनीत की मौत की जांच भी सीओ सेकेंड डा. प्रवीन रंजन कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट भी अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
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शकील की मौत का मामला कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पुलिस अभिरक्षा और हवालातों में कई मौतें हुई हैं। पुलिसवालों पर हत्या के केस दर्ज हुए हैं। उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ी है, मगर सुधार नहीं हो रहा है।

पुलिस नियमों की धज्जियां उड़ाने में लगी है। ऐसे तमाम आरोप हैं जब पुलिस 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में रखकर पूछताछ करती है और थर्ड डिग्री का इस्तेमाल करती है। हालांकि हमेशा पुलिस अपने को पाक साफ बताती है।
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कब-कब हुई पुलिस अभिरक्षा में मौत
15 जून 13 - कविनगर पुलिस हिरासत में शकील की मौत
28 अप्रैल 13 - इंदिरापुरम थाने की हवालात में विनीत नामक युवक की मौत
12 जुलाई 12- सीबीआई कस्टडी में वारंटी की मौत
7 जून 12- मुरादनगर पुलिस अभिरक्षा में प्रेमी युगल ने आत्महत्या की
13 जून 12- विजयनगर में वारंटी की पुलिस अभिरक्षा में मौत
5 अप्रैल 09- इंदिरापुरम थाने में राजेश की पुलिस हिरासत में हत्या
12 दिसंबर 2008- कविनगर थाने में योगेश त्यागी की मौत
23 जुलाई 1993- पिलखुवा में पुलिस अभिरक्षा में राम किशोर की मौत
1993- मोदीनगर थाने में रामकुमार प्रजापति की पुलिस हिरासत में मौत।
1992- सिहानी गेट में बालेश्वर त्यागी की पुलिस हिरासत में मौत।
1991- सिहानी गेट में दुष्यंत त्यागी की पुलिस हिरासत में मौत।
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