एकतरफ ग्लोबल इन्वेस्टर मीट पार्टनरशिप समिट से देश और प्रदेश में औद्योगिक माहौल बनाया जा रहा है वहीं अपने अटपटे बयानों के लिए चर्चित कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने समिट पर सवालिया निशान लगा दिया है।
राजनीति के चश्मे से देखते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि अराजकता और असुरक्षा के चलते कोई भी कारोबारी उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए तैयार नहीं है। सरकार अपने फायदे के लिए समिट करा रही है न कि जनता के लिए। वह एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सदर स्थित आनंद भवन आए थे।
समिट के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश की औद्योगिक छवि निखारने की कोशिश हो रही है। इसमें प्रधानमंत्री के साथ अन्य देशों के राजनयिक के भी शामिल होने की संभावना है। वहीं कांग्रेस महासचिव ने प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था सही नहीं है। अराजकता और असुरक्षा है। बिजली नहीं मिलती है। कारोबारी यहां निवेश करने के लिए इच्छुक नहीं है। समिट केवल बैठक तक ही सीमित रह जाएगी।
महंगाई पर टालमटोल
महंगाई के मुद्दे पर उनका रुख टालमटोल का रहा। उन्होंने पेट्रो पदार्थ के मूल्य वृद्धि की कमान कंपनियों के हाथ देने का ठीकरा एनडीए पर फोड़ा। कहा, यह फैसला एनडीए सरकार का था। 2014 लोकसभा चुनाव के लिए बताया कि कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। जब पूछा गया कि बीजेपी ने मोदी को उतारा है तो उनका कहना था कि लोकसभा चुनाव के परिणाम बता देंगे कि जनता किसे चाहती है।
वहीं पाकिस्तान द्वारा सीमा पर भारतीय सैनिकों की हत्या के बारे में दिग्विजय सिंह ने कहा प्रधानमंत्री का रुख कड़ा है और पाकिस्तान को चेतावनी दे दी गई है।