गुस्साई भीड़ थाने में घुसकर हवालात का ताला तोड़कर चालक और क्लीनर की पिटाई शुरू कर दी। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने कई राउंड हवाई फायर किए। इससे भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर सीओ बुढ़ाना सत्यप्रकाश, एसडीएम खतौली डॉ. वैभव शर्मा, तहसीलदार विक्रम सिंह, बुढ़ाना, फुगाना और खतौली पुलिस मौके पर पहुंची।
घंटों बाद एसपी देहात आलोक प्रियदर्शी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच एक बार फिर पथराव शुरू हो गया। बाद में भाजपा नेता उमेश मलिक, डॉ. सुधीर सैनी और सागर सोम ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया। ग्रामीण डीएम और एसएसपी को मौके पर बुलाने एवं इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार और फायरिंग करने वाले आरोपी पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग को लेकर थाने के सामने धरने पर बैठ गए।
कई दौर की वार्ता के बाद एसपी देहात ने ग्रामीणों को एक सप्ताह के अंदर जांच कर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब साढ़े तीन घंटे से लगा जाम खुल सका। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के ताऊ तेजवीर सिंह की ओर से टैंकर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।