देवरिया। मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल का लिफ्ट करीब दस दिन बाद ठीक हो हो गया है। इसके शुरू होने से गर्भवती व तीमारदारों को राहत मिली है। लिफ्ट खराब होने से गर्भवती और तीमारदारों को सीढ़ी चढ़नी पड़ रही है, नहीं तो रैंप के सहारे लेबर रूम, ओटी, वार्ड तक दूरी तय करनी पड़ रही थी, जिससे उन्हें परेशानी हो रही थी। वहीं बुजुर्ग तीमारदारों को वार्ड और एसएनसीयू सहित अन्य कार्य के लिए जाने में दिक्कत हो रही थी। कर्मचारियों ने भी राहत मिली है।
मेडिकल कॉलेज का महिला अस्पताल एमसीएच विंग में स्थापित है। यहां मरीजों और तीमारदारों की सहूलियत के लिए दो लिफ्ट लगा है। करीब तीन माह बाद जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में बना। कुछ दिन चलने के बाद करीब दस दिन पहले फिर खराब हो गया, जिससे गर्भवती व तीमारदाराें और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शुक्रवार को मरम्मत कर लिफ्ट की खराबी को दूर कर चालू कर दिया गया। हालांकि अभी कुछ सामान लगना है, जिसे मंगाया गया है। लिफ्ट के शुरू होने से गर्भवती, तीमारदार व कर्मचारी को लेबर रूम, ओटी, वार्ड सहित अन्य स्थानों पर जाने में आसानी होगी। यहां जाने के लिए लिफ्ट की पड़ती है जरूरत : देवरिया। महिला अस्पताल के लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर के अलावा पोस्ट ऑपरेटिव व सामान्य प्रसव वार्ड में भर्ती मरीजों तथा एसएनसीयू, केएमसी, एनआरसी, मेडिगोलीगल के लिए जाने के लिए लिफ्ट की जरूरत पड़ती है। लिफ्ट से गर्भवती, तीमारदार, डॉक्टर, स्टाफ नर्स, कर्मियों, मेडिगोलीगल के लिए आने वाले सुरक्षा कर्मियों का ऊपर-नीचे आना- जाना होता है।