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फर्जीवाड़े मेें रुद्रपुर ब्लॉक के दो शिक्षकों की सेवा समाप्त

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फर्जीवाड़े मेें रुद्रपुर ब्लॉक के दो शिक्षकों की सेवा समाप्त
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देवरिया। शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े के मामले में जिले के दो और शिक्षकों की सेवा मंगलवार को समाप्त कर दी गई। दोनों शिक्षक रुद्रपुर ब्लॉक के हैं। एसटीएफ की जांच रिपोर्ट के आधार पर इन दोनों के खिलाफ बीएसए ने यह कार्रवाई की है। दोनों शिक्षकों को करीब दो माह पूर्व नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित समय तक अपना स्पष्टीकरण नहीं देने पर इन्हें बर्खास्त कर दिया गया। इन दोनों को मिलाकर अब तक 52 शिक्षकों की सेवा जनपद में पिछले दो वर्षों के अंदर समाप्त की जा चुकी है।
बीएसए संतोष कुमार राय ने मंगलवार को बताया कि गोरखपुर जनपद के खजनी तहसील क्षेत्र के ग्राम कोठा निवासी विवेक कुमार त्रिपाठी पुत्र लालजी राम त्रिपाठी, जो वर्तमान में गोरखपुर के पिपरौली ब्लॉक के जरलही पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक हैं, उन्होंने एसटीएफ से शिकायत की थी कि उनके प्रमाण पत्रों के आधार पर देवरिया के रुद्रपुर में ही एक शिक्षक की तैनाती है। इसके बाद रुद्रपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय जगतमाझा में तैनात सहायक अध्यापक विवेक कुमार पुत्र लालजी राम निवासी लाला टोला वार्ड के प्रमाण पत्रों की जांच कराई गई। जांच में पता चला कि वास्तविक विवेक कुमार त्रिपाठी गोरखपुर का स्थायी निवासी हैं और उनका हाईस्कूल व इंटर का प्रमाण पत्र वही है, जिस पर रुद्रपुर में उनके नाम से कार्य कर रहा शिक्षक तैनात है। गोरखपुर के विवेक ने अपनी नियुक्ति से संबंधित समस्त प्रमाण पत्र जांच एजेंसी को उपलब्ध करा दिए। जांच में यह पाया गया है कि रुद्रपुर के जगतमाझा में तैनात शिक्षक विवेक कुमार ने कूटरचित ढंग से तैयार प्रमाण पत्रों पर नौकरी हासिल की है। इस संबंध में जारी नोटिस का भी उसने जवाब नहीं दिया, ऐसे में उसको बर्खास्त कर दिया गया।
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बीएसए ने बताया कि रुद्रपुर के ही प्राथमिक विद्यालय भेड़ी में तैनात शिक्षक आनंद गांधी के प्रमाण पत्रों की जांच के क्रम में गोरखपुर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने सत्यापन में उनकी ओर से उपलब्ध कराए गए शैक्षिक अभिलेखों व विश्वविद्यालय के अभिलेखों में भिन्नता पाई। बीए भाग-एक, दो व तीन के जो उनके प्रमाण पत्र हैं और जो विश्वविद्यालय के अभिलेख हैं, उसमें प्राप्त अंकों में हेरफेर किया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि आनंद गांधी ने फर्जी तरीके से नंबर बढ़वाकर शिक्षक की नौकरी प्राप्त की है, इन्हें भी सेवा से बाहर किया जाता है। दोनों शिक्षकों के खिलाफ बीईओ रुद्रपुर को विधिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
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