देवरिया। यौन शोषण के आरोपी मनोज कन्नौजिया के जेल जाने के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में आरोपी राज्यमंत्री पर फर्जी केस दर्ज कराने का आरोप लगा रहा है।
हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है। जबकि पीड़िता के अधिवक्ता ने यौन शोषण के आरोपी पर कचहरी में खुलेआम वीडियो बनाकर वायरल करने का आरोप लगाया है।
सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला जिला पंचायत सदस्य का पति मनोज कन्नौजिया छह मार्च को इलाज के लिए घर से ले जा रहे अपने रिश्ते की बहन को टॉफी में नशे की दवा मिलाकर खिला दिया। जब वह नशे में हो गई तो उसे देवरिया के रेलवे स्टेशन रोड स्थित एक होटल में ले जाकर उसके साथ यौन शोषण किया। जब उसने विरोध किया तो जान से मारने की धमकी दी।
इस मामले में पीड़ित के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस पहले तो मामले को मैनेज कराने में जुट गई। जब बात नहीं बनी तो 26 मार्च को केस दर्ज किया। उसके पहले आरोपी होटल मैनेजर से मिलकर सीसीटीवी फुटेज से घटना के दिन का वीडियो डिलीट कर दिया था।
केस दर्ज करने के बाद पुलिस एक दो दिन तक सक्रियता दिखाई उसके बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया। आरोपी 24 दिन तक फरार रहा, लेकिन पुलिस को पता नहीं चल सका। शनिवार को वह खुद न्यायालय पहुंचकर समर्पण कर दिया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जेल जाने के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने लगा, जिसमें आरोपी अपने आपको बेगुनाह बताते हुए बोल रहा है कि राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने मुझे राजनीतिक द्वेष के चलते फर्जी तरीके से फंसा रही हैं। मैं सलेमपुर विधान सभा की तैयारी कर रहा था जो राज्यमंत्री को अच्छा नहीं लग रहा था।
आरोपी के वीडियो पर पीड़िता के हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजीव लखन द्विवेदी ने लिखा है कि आरोपी सारा प्रयास कर चुका, सबको मैनेज करके देख लिया, लेकिन सफलता नहीं मिली तो आज सरेआम कचहरी में वीडियो बनाकर वायरल कर रहा है।