शुल्क बढ़ोतरी के विरोध में विद्यार्थियों ने किया प्रदर्शन
सलेमपुर/रुद्रपुर। नगर के श्रीरैनाथ ब्रह्मदेव पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों ने मंगलवार को तहसील गेट पर प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने शुल्क वृद्धि और सेमेस्टर प्रणाली खत्म करने की मांग करते हुए नारेबाजी की। नायब तहसीलदार डॉ. भागीरथी सिंह को विद्यार्थियों ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन उन्हें दिया। दूसरी ओर, रुद्रपुर में भी विद्यार्थियों ने प्रदर्शन करके नाराजगी जताई।
पं. दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर से श्रीरैनाथ ब्रह्मदेव पीजी कॉलेज संबद्ध है। नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2021-2022 में विश्वविद्यालय एवं संबद्ध समस्त महाविद्यालयों में स्नातक, परास्नातक पाठ्यक्रमों में सीबीसीएस प्रणाली के द्वितीय सेमेस्टर के पंजीकरण फार्म की अंतिम तिथि आठ मार्च को थी। इसके लिए कॉलेज प्रशासन ने मंगलवार को सभी विद्यार्थियों को बुलाकर नई शिक्षा नीति के तहत फीस जमा करने की बात कही।
इससे विद्यार्थी नाराज हो गए और कॉलेज परिसर में हंगामा करने लगे। नाराज छात्र कॉलेज गेट से नारेबाजी करते हुए सलेमपुर-देवरिया मुख्य मार्ग पहुंचे। वहां से बापू इंटर कॉलेज, कोतवाली, गांधी चौक होते तहसील पहुंचकर मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। विद्यार्थियों के प्रदर्शन की जानकारी होते ही कोतवाली पुलिस टीम के साथ नायब तहसीलदार डॉ. भागीरथी सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों की समस्या की जानकारी ली। विद्यार्थियों का कहना था कि नामांकन के दौरान कॉलेज प्रशासन की तरफ से पुरानी शिक्षा नीति के तहत उनसे शुल्क वसूला गया। कोरोना अवकाश के बाद जब कॉलेज खुला तो उन लोगों से नई शिक्षा नीति का हवाला देते हुए सेमेस्टर के नाम पर प्रति छात्र दो हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति के नाम पर विद्यार्थियों पर आथिक बोझ लादा जा रहा है, जो छात्र विरोधी है।
इसको वापस नहीं लिया गया तो सभी विद्यार्थी इसका जोरदार विरोध करेंगे। प्रदर्शन करने वालों में काजल भारती, अरविंद कुमार, निशी गुप्ता, साधना शर्मा, कुमकुम चौहान, जयनग खातून, रोहन, इंदू चौहान, राहुल गुप्ता, सतीश कुमार, अभिषेक, रिंकी जायसवाल, स्वाती पटेल, प्रिंस गुप्ता, राकेश कुशवाहा, सुनीता शर्मा आदि छात्र शामिल रहे।
दूसरी तरफ रामजी सहाय पीजी कॉलेज में विद्यार्थियों ने हंगामा किया। विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। उन्होंने सेमेस्टर शुल्क के नाम पर कॉलेज प्रशासन पर धनउगाही करने का आरोप लगाया। प्राचार्य ने विचार करने का आश्वासन दिया तो विद्यार्थी शांत हुए।
विद्यार्थियों ने कहा कि सेमेस्टर शुल्क के नाम पर कॉलेज प्रशासन 1450 रुपये वसूल रहा है, जबकि प्रवेश के समय ही पूरे वर्ष की फीस जमा कर दी गई। गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस बार सेमेस्टर परीक्षा लागू करने के बाद अतिरिक्त फीस वसूली जा रही है। अति पिछड़े इलाके के छात्र हर छह माह बाद फीस नहीं जमा कर सकते।
विद्यार्थियों ने बढ़ी हुई फीस वापस नहीं लेने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। प्राचार्य डॉ. ब्रजेश पांडेय ने कहा कि विद्यार्थियों की बात पर विचार करने के लिए प्रवेश समिति की बैठक कर गोरखपुर विश्व विद्यालय को समस्या से अवगत कराया जाएगा। सेमेस्टर के अनुसार परीक्षा होने पर नियम के अनुसार ही शुल्क बढ़ाया गया है। प्रदर्शन करने वालों में छात्र नेता निखिल गुप्ता, राजन यादव, राज गुप्ता, विकास बरनवाल, अभिमन्यु सोनकर, किशन निगम, फैयाज खान, अंकित वर्मा आदि रहे।