महिला बंदियों ने की अधिवक्ता न होने की शिकायत
देवरिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव न्यायाधीश आरिफ निसामुद्दीन व न्यायिक अधिकारी सुमिता ने मंगलवार को जिला जेल का औचक निरीक्षण किया। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जेल में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। निरीक्षण के दौरान कुछ महिला बंदियों की शिकायत पर उन्हें अधिवक्ता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने बंदियों से वार्ता कर उनकी समस्याओं को सुना। नए बंदियों ने पैरवी के लिए अधिवक्ता न होने की बात कही। न्यायाधीशों ने उन्हें तत्काल पैनल लायर्स की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जेल चिकित्सालय में बंदियों को उनकी बीमारी के मुताबिक पोषण, भोजन, दूध देने को मुहैया कराने के लिए चिकित्सकों को निर्देशित किया। कोविड-19 महामारी के चलते जिला कारागार में अस्थायी जेल स्थापित की गई है। जिसमें महिला बंदी व पुरूष बंदियों के रहने के लिए अलग-अलग व्यवस्था है। न्यायाधीशों ने जेल विजिटर से कहा कि जिन बंदियों को उनके मुकदमे संबंधी जो भी समस्या हो, उसकी लिस्ट बनाकर मेरे समक्ष रखना सुनिश्चित करें। इस दौरान जेलर जितेंद्र तिवारी, जेल विजिटर, राजू यादव आदि मौजूद रहे।