बरहज के केवटलिया और रगरगंज वार्ड में घुसा पानी, नाव बनी सहारा
बरहज। सरयू नदी का जलस्तर पिछले दो दिनों से स्थिर है। फिरभी तटवर्ती गांवों के लोगों में दहशत बरकरार है। नदी खतरे के निशान से 1.65 मीटर ऊपर बह रही है। नगर के रगरगंज और केवटलिया वार्ड में पानी घुस गया है। नाव के जरिए लोगों की आवाजाही हो रही है।
सरयू नदी थाना घाट पर बने मीटर गेज पर खतरे के निशान 66.50 से 1.65 मीटर ऊपर 68.15 मीटर पर बह रही है। रगरगंज और केवटलिया वार्ड में लोगों के घरों तक नदी का पानी घुस गया है। वहीं पटेल नगर, आजाद नगर दक्षिणी, पुराना बरहज के अलावा कटइलवा, बेलडॉड, नौकाटोला, मठियां, कुवाईच टोला, रमईपुरा, धनया कुंड महाल और परिसयां-विशुनपुर देवार के 26 टोलों तक पानी पहुंच गया है। जबकि राप्ती नदी से घिरे भदिला प्रथम मैरुंड हो गया है। नदी के जलस्तर में पिछले दिनों हुई बेतहाशा वृद्धि से रामजानकी मार्ग और बिनवापुरी के निकट कपरवार-रुद्रपुर मार्ग तक पानी पहुंच गया है। सरयू के उग्र होने से तटवर्ती गांवों के लोगों की नींद उड़ गई है। जगह-जगह बंधों के टूटने की सूचना से लोग हताश हो गए हैं। कुछ जगहों पर रतजगा किया जा रहा है। सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि जलस्तर थमने से कुछ हद तक राहत महसूस की जा रही है। हालात पर निरंतर नजर रखी जा रही है।
बाढ़ से घिरे दर्जनों गांव, सड़क तक पहुंची नदी
बरहज। सरयू और राप्ती नदी के उफान से बरहज क्षेत्र के दर्जनों गांव बाढ़ के जद में आ गए हैं। जबकि नदी सड़कों के ऊपर से होकर बहने लगी है। बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए प्रशासन की ओर से भदिला प्रथम, परसियां-विशुनपुर देवार सहित अन्य जगहों पर 22 नावें लगाई गई हैं। बेलडांड़, नदी में विलीन कुरह परसियां पिच मार्ग, पटेल नगर, संत रविदास मार्ग आदि सड़कों पर पानी बह रहा है। रगरगंज में नगरपालिका के मुक्तिधाम को जाने वाले मार्ग पर पानी आ जाने से शवदाह के लिए आने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चारों ओर पानी ही पानी होने के कारण दूर-दराज से आए लोग सड़कों के किनारे अंत्येष्टि करने पर विवश हैं।
कुवाईच टोला में अधिकारियों ने वितरित कराईं दवाएं
बरहज/कपरवार। पानी से घिरे गांवों में जलभराव और उससे उठने वाली सड़ांध से बीमारियाें की आशंका है। सीएमओ डॉ.आलोक पांडेय ने एसडीएम संजीव कुमार यादव आदि के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। स्वास्थ्य टीम ने कपरवार के कुवाईच टोला में संक्रामक बीमारियों से रोकथाम के लिए दवा वितरित करने के साथ रोगियों का परीक्षण किया। दूसरी ओर पूर्व पालिकाध्यक्ष वीरेंद्र गुप्त ने समर्थकों के साथ नाव से केवटलिया और रगरगंज में बाढ़ प्रभावितों का हाल जाना। उन्होंने अधिकारियों से 50 से अधिक घरों को राहत सामग्री दिलाने की मांग की। इस दौरान महेन चिकित्सा प्रभारी डॉ.हरेंद्र कुमार, एसआई वीरेंद्र मौर्य, ऋषिमुनि चौधरी, मिथिलेश कुमार, अंजनी सिंह, शौकत अली, धर्मवीर आदि मौजूद रहे।
12 घंटे शांत रहने के बाद फिर बढ़ा सरयू का जलस्तर
भागलपुर/मईल। सरयू नदी का जलस्तर पल-पल बदल रहा है शनिवार को भी नदी का जलस्तर कई बार बदलता नजर आया। सुबह आठ बजे अपने बढ़ाव से तटवर्ती लोगों को बेचैन करने वाली नदी दोपहर 12 बजे स्थिर हो गई। इससे इलाके के लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली और 4 घंटे बाद नदी फिर से बढ़ने लगी।
केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार, नदी रेगुलेटर पर शाम 4 बजे नदी 65.50 मीटर पर बह रही थी। जो खतरे के निशान से 1.20 मीटर ऊपर है। पिछले 24 घंटे में सरयू का रुख देख ग्रामीण दहशत में हैं। लोगों को 1998 में आई बाढ़ का भय सताने लगा है। नदी के उतार-चढ़ाव से लग रहा है कि आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति और विकराल हो सकती है। केंद्रीय जल आयोग के जे ई प्रकाश ओझा ने बताया कि नदी में कल से उतार चढाव हो रहा है निगरानी रखी जा रही है। मईल प्रतिनिधि के अनुसार, देवरहा बाबा आश्रम में पानी घुस गया है। बाढ़ से पानी से बचने के लिए आश्रम की दो दर्जन गायें चबूतरे पर खड़ी हैं। लेकिन चारे की व्यवस्था नहीं है। आश्रम के पीठाधीश्वर श्यामसुंदर दास ने एसडीएम बरहज से चारे की व्यवस्था की मांग की है।