संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। आठ साल पहले राजस्व अभिलेखों में मृत रामअवध को खुद को जिंदा करने के लिए अब एक और तारीख मिल गई। मंगलवार को तहसीलदार के नहीं बैठने के कारण सुनवाई के लिए 22 दिसंबर की तारीख मुकर्रर की गई है। न्यायालय के पीठासीन अधिकारी तहसीलदार को एक मुकदमे के सिलसिले में हाईकोर्ट इलाहाबाद गए हैं।
डाला गांव के रहने वाले रामअवध को आठ साल पहले उनके पट्टीदारों ने राजस्व अभिलेख में मृतक बताकर उनकी जायदाद अपने नाम करा ली थी। जानकारी होने पर वह साढ़े तीन साल से अपने जिंदा होने का सबूत लेकर तहसील का चक्कर काट रहे हैं। अमर उजाला के 16 जुलाई के अंक में रामअवध की खबर प्रकाशित होने के बाद उनके मुकदमे की फाइल न्यायालय में चलने लगी। एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय ने रामअवध की फाइल को तहसीलदार न्यायालय में हर कार्य दिवस पर देखने का आदेश दिया है। इसके बाद भी पांच माह से न्यायालय अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाया है। 80 साल की अवस्था को पार चुके रामअवध को राजस्व अभिलेख में जिंदा होने के लिए सालों से जद्दोजहद करनी पड़ रही है। इस बाबत तहसीलदार अभय राज ने कहा कि मुकदमे की पैरवी के संबंध में हाईकोर्ट जाने के कारण रुद्रपुर कोर्ट में सुनवाई नहीं हुई। रामअवध के फाइल पर सुनवाई अब आगामी 22 दिसंबर को होगी।