अल्ट्रासाउंड कराना है तो नंबर लगा दो, पंद्रह दिन बाद आना
पहले दो से चार तो अब पंद्रह दिन बाद मरीजों को बुलाया जा रहा जांच के लिए
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल स्थित अल्ट्रासाउंड केंद्र का हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके लिए मरीजों केे पहले नंबर लगाना पड़ रहा है। पहले दो से चार तो अब पंद्रह दिन बाद का नंबर मिल रहा है। ऐसे में दूर-दराज से आने वाले मरीजों को परेशानी हो रही है। साथ ही उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। यहां जनपद के विभिन्न क्षेत्र के अलावा पड़ोसी प्रांत बिहार के सीमावर्ती गांवों के लोग आते हैं। हर रोज औसतन ग्यारह सौ लोग इलाज के लिए पर्ची लेते हैं। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था है। यहां रेडियोलाजिस्ट डॉ. टीएन झा, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शिशिर कुमार व एसआर राहुल की तैनाती है। चिकित्सक ओपीडी तथा वार्ड के मरीजों को प्रतिदिन औसतन करीब अस्सी मरीजों को अल्ट्रासाउंड की जांच लिखते हैं। वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए सहूलियत है और उनकी जांच उसी दिन हो जाती है, लेकिन ओपीडी के मरीजों को जांच के लिए दिक्कत का सामना करना पड़ता है। उस दिन जांच नहीं हो पा रही है। जांच कक्ष में पहुंचने पर नंबर लगाना पड़ रहा है। पहले दो दिन फिर चार दिन बाद का नंबर मिल रहा था लेकिन अब पंद्रह दिन बाद का नंबर मिल रहा है। इससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों को निराशा हाथ लग रही है और वे बैरंग लौट रहे हैं। इससे समय बर्बाद हो रहा है, वहीं, आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ रहा है। दोबारा न आने के कारण कुछ लोगों को मजबूरी में बाहर से जांच करानी पड़ रही है।
बोले मरीज व तीमारदार, जांच के लिए दोबारा आने पर हो रही दिक्कत
जिला अस्पताल में बहन को लेकर आए रोहुआर के राहुल जायसवाल का कहना है कि दो मई को बहन को लेकर इलाज के लिए अस्पताल आए। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने को कहा, लेकिन शनिवार का नंबर मिला। जांच के लिए गांव से आना पड़ा। धूप तेज हो रही है। सड़क भी खराब है। एक काम के लिए दोबारा आने में परेशानी हो रही है। बरहज के राम लक्ष्मण ने कहा कि अल्ट्रासाउंड जांच के लिए चार दिन पहले आए थे, लेकिन डॉक्टर नहीं थे, उस दिन शनिवार का नंबर मिला। इसी जांच के लिए मुझे फिर से आना पड़ा। उसी दिन हो गया रहता तो दिक्कत नहीं होती। रामपुर कारखाना के महादेवा की अनिता देवी का कहना है कि सुबह अस्पताल पहुंचीं कि जल्दी से इलाज हो जाएगा और दवा लेकर घर चली जाऊंगी। ओपीडी में चिकित्सक को दिखाई तो अल्ट्रासाउंड जांच कराकर रिपोर्ट दिखाने को कहे। यहां जांच के लिए एक जून को आने को कहा गया। अब जांच के लिए फिर आना पड़ेगा। पहले अस्पताल में नंबर नहीं लगता था, उसी दिन जांच हो जाती थी। आने-जाने में परेशानी होती है। इसके अलावा अन्य मरीजों ने भी कई दिन बाद का नंबर मिलने की पीड़ा व्यक्त की।
कोट
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए हर रोज तीस जांच की जाती है। इसके कारण मरीजों को दूसरे दिन का नंबर दिया जा रहा है। चिकित्सक व संसाधन बढ़ने पर समस्या का समाधान हो जाएगा। अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-डॉ. एचके मिश्रा, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक
अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्र पर छापा
टीम ने मशीन जब्त कर कार्यालय में कराया जमा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। स्वास्थ्य विभाग जिले में अवैध रूप से संचालित हो रहे अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर अंकुश लगाने को लेकर सक्रिय हो गया है। इसके मद्देनजर एसीएमओ के नेतृत्व में विभाग की टीम ने शनिवार को भाटपाररानी में अवैध रूप से चल रहे केंद्र पर छापा मारा और मशीन जब्त कर कार्यालय में जमा कराया। इसे लेकर हड़कंप है।
सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने अवैध रूप से संचालित अस्पतालों, पैथालॉजी, अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत एसीएमओ व अल्ट्रासाउंड के नोडल अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, अरुण शाही व वीरेंद्र राव शनिवार को भाटपाररानी पहुंचे। इसके बाद टीम उपाध्याय कटरा स्थित एसके डायोग्नोसिस सेंटर पर पहुंची, जहां जांच कराने के लिए दो मरीज पहुंचे थे। यहां एक व्यक्ति मिला, जो संचालक बताया गया। वहीं, मरीजों की जांच भी करता है। रजिस्ट्रेशन व अन्य कागजात मांगने पर उपलब्ध नहीं कराया गया। टीम ने जांच के लिए आए मरीजों को लौटा दिया। इसके बाद टीम ने मशीन जब्त कर सीएमओ कार्यालय में जमा करा दिया। एसीएमओ की ओर से न्यायालय में वाद दाखिल कराया जाएगा।
एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि अल्ट्रासाउंड केंद्र पर एक व्यक्ति मिला। उसने अपना नाम मझहर मिर्जा निवासी मैरवा मझौली रोड, थाना मैरवा, सिवान बताया। इस मामले में न्यायालय में वाद दाखिल कराया जाएगा।
अस्पताल के नवीनीकरण का आवेदन निरस्त
गौरीबाजार के एक निजी चिकित्सालय की एसीएमओ की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में चिकित्सा सुविधा को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके मद्देनजर अवैध अस्पतालों, जांच केंद्रों पर छापा मारा जा रहा है, वहीं, नवीनीकरण के आवेदनों का भौतिक सत्यापन भी किया जा रहा है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गौरीबाजार में एक अस्पताल का निरीक्षण किया, जहां कमियां मिलने पर नवीनीकरण के आवेदन को निरस्त कर दिया गया।
एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह के नेतृत्व में शनिवार को राय कमलेश्वर श्रीवास्तव, एमपी तिवारी गौरीबाजार स्थित हाटा रोड पर पहुंचे। टीम ने चौहान चिकित्सालय आयुष्मान भारत आई केयर का निरीक्षण किया। चिकित्सालय के रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया है। यहां जांच में चिकित्सक तथा कर्मचारी नहीं मिले। साथ ही अन्य कुछ कमियां मिलीं। इसके बाद टीम ने नवीनीकरण आवेदनपत्र को निरस्त कर दिया है। एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि चिकित्सालय का रजिस्ट्रेशन समाप्त हो गया है। उसके नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया है। जांच में चिकित्सक नहीं मिले तथा अन्य कमियां मिलीं, इस आधार पर आवेदन को निरस्त कर दिया गया है।