पीड़ित छात्राओं के बयान लेने कॉलेज पहुंचे विवेचना अधिकारी
प्राचार्य प्रकरण : प्रभारी प्राचार्य ने गोपनीयता भंग होने की बात कहकर किया मना, बोलीं, महिला पुलिस ही लेगी बयान
छात्राओं के बयान लेने पहुंचे चौकी इंचार्ज को प्राचार्य ने लौटाया
घटना के बाद कॉलेज की साख हुई है प्रभावित, अब बहाल करना चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले के एक महिला पीजी कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य के सरकारी आवास से अलग-अलग युवतियों के मुंह ढक कर बाहर निकलने का वीडियो वायरल होने और प्राचार्य की गिरफ्तारी के बाद कॉलेज की साख प्रभावित हुई है। कई छात्राओं ने स्कूल आना बंद कर दिया है। उधर, सोमवार को मामले के विवेचक चौकी इंचार्ज केशव राम मौर्य कॉलेज पहुंचकर पीड़ित छात्राओं के बयान दर्ज करना चाहे लेकिन प्रभारी प्राचार्य ने गोपनीयता भंग होने की बात कहकर इसके लिए मना कर दिया। उनका कहना है कि महिला पुलिसकर्मी के सामने ही छात्राओं के बयान लिए जाएं।
महिला पीजी कॉलेज में वर्तमान में करीब एक हजार छात्राओं का नामांकन है। जनपद के विभिन्न हिस्सों से 20 से 30 किमी के दूरी वाले स्थानों से भी यहां छात्राएं पढ़ने आती हैं। कॉलेज में नौ विषयों में स्नातक एवं एक विषय अंग्रेजी में परास्नातक की पढ़ाई होती है। शिक्षक के अभाव में दो साल पहले परास्नातक के दो विषय बंद कर दिए गए थे। शिक्षक व कर्मचारियों को मिलाकर कुल 17 का स्टाफ यहां तैनात है। घटना के बाद से ही कॉलेज का माहौल बदला-बदला सा है। यहां पढ़ने वाली छात्राओं के अभिभावक भी प्रकरण के बाद से चिंतित दिख रहे हैं। इसका असर भी नामांकन पर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। उधर, सोमवार को पीड़ित छात्राओं के बयान लेने पुलिस के विवेचक केशव राम मौर्य कॉलेज पहुंचे लेकिन प्रभारी प्राचार्य इसके लिए तैयार नहीं हुईं। इसके बाद वह बैरंग लौट गए। उधर, सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी का कहना है कि बिना महिला पुलिसकर्मी के बयान लेने विवेचक को नहीं जाना चाहिए।
आरोपी प्राचार्य पर लटक रही निलंबन की तलवार
प्रकरण के खुलासे के बाद से ही आरोपी प्राचार्य चारों तरफ से घिर गए हैं। विभागीय स्तर पर भी अधिकारियों के सक्रिय होने के बाद उन पर निलंबन की तलवार भी लटक रही है। इसकी रूपरेखा भी पूरी तरह तैयार हो चुकी है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. अश्वनी मिश्र ने बताया कि मामले के बाद कॉलेज की वर्तमान प्रभारी प्राचार्य ने निदेशालय को तहरीर की कॉपी भेज दी है। अब निदेशक स्तर से आरोपी पर निर्णय लिया जाएगा। उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा।
किसी महिला या सामाजिक संगठन ने नहीं उठाई आवाज
जिले के प्रतिष्ठित महिला कॉलेज में घटी इस घटना से सभी हतप्रभ हैं। हालांकि, महिलाओं के हित के लिए काम करने का दावा करने वाले महिला संगठनों ने अभी तक इस मामले में चुप्पी साधा है। मामले को प्रकाश में आए हुए चार दिन बीत चुके हैं लेकिन किसी भी जिम्मेदार ने अभी तक छात्राओं के समर्थन में आवाज तक नहीं उठाई है। इसे लेकर इन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
कोट
आरोपी प्राचार्य के खिलाफ दी गई तहरीर एवं मुकदमे की कॉपी उच्च शिक्षा निदेशक को भेज दी गई है। वहां से इसकी मांग की गई थी। सोमवार को कॉलेज में विवेचक आए थे। वह छेड़खानी की शिकायत करने वाली छात्राओं से बयान लेना चाहते थे और उनका पता मांग रहे थे। मामले की गंभीरता एवं छात्राओं की निजता व गोपनीयता भंग न हो, इसके लिए उन्हें मना कर दिया गया। एक दिन पूर्व ही महिला थाने की एक अधिकारी के सामने छात्राओं के बयान रिकॉर्ड हुए थे। पुन: बयान किसी महिला अफसर के सामने ही हो तो ज्यादा अच्छा है। इसकी मांग वह एसपी से करेंगी।
-राखी भारती, प्रभारी प्राचार्य