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मकान पर गिरा जर्जर पोल, हादसा बचा
शहर के सेंटर चौकी के समीप महीनों से जर्जर हाल में था पोल
सूचना देने के बाद भी अफसरों ने नहीं ली सुध, घंटों ठप रही आपूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जर्जर पोल को बदलने में बिजली निगम की लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। शनिवार की रात ऐसा ही एक पोल सेंटर चौकी के सामने टूटकर मकान पर गिर पड़ा। तार सड़क पर बिखर गया। संयोग था कि घटना रात के वक्त हुई, वरना शहर के व्यस्ततम इलाके में कई लोग चपेट में आ सकते थे। पोल गिरने की आवाज सुनकर घरों से निकले लोगों ने तत्काल सूचना देकर आपूर्ति बंद कराई। क्षेत्रवासियों ने करीब तीन माह पहले ही इस पोल की हालत के बारे में बिजली निगम के अफसरों को सूचना दी थी, लेकिन किसी ने भी इस पर गंभीरता नहीं दिखाई। निगम की लापरवाही से लोगों में आक्रोश है।
तहसील कार्यालय के पीछे स्थित सेंटर चौकी के ठीक सामने लगा पोल जर्जर होने के कारण कई महीनों से झुका हुआ था। तारों का लोड बढ़ने से लगातार पोल नीचे लटकता जा रहा था। शनिवार की रात तेज बारिश के दौरान पोल मकान पर गिर पड़ा। उस समय बिजली आपूर्ति चल रही थी। लोगों ने फोन कर इसकी जानकारी विद्युत उपकेंद्र पर दी। कर्मचारियों ने तत्परता दिखाई और आपूर्ति को बंद कर दिया। इसके चलते मालवीय रोड पर करीब पांच घंटे तक आपूर्ति ठप रही। रविवार को दूसरा पोल लगाकर आपूर्ति शुरू की गई। हालांकि, देर शाम तक सेंटर चौकी की ही आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। इस घटना से लोगों में गुस्सा बना हुआ है। इस संबंध में एसडीओ नवदीप सिंह ने कहा कि टेंडर नहीं होने के कारण जर्जर विद्युत पोल नहीं बदले जा सके हैं। उच्चाधिकारियों से इसके लिए वार्ता चल रही है। रात को जो पोल गिरा था। उसे ठीक कर आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
जर्जर पोल के बारे में बिजली निगम के अफसरों को तीन माह पहले ही बताया गया था, लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। संयोग था कि पोल रात में गिरा, वरना बड़ी अनहोनी हो जाती। निगम के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जरूरत है।
-अमित श्रीवास्तव।
शनिवार रात आठ बजे ही स्पार्किंग से बिजली खराब हो गई थी। इन्वर्टर, पंखा सहित कई उपकरण जल गए। कर्मचारी फाल्ट ठीक कर चले गए। रात में पूरा पोल ही गिर गया। इसके लिए बिजली निगम के कर्मचारी पूरी तरह जिम्मेदार हैं।
-बड़ेलाल वर्मा।
सिविल लाइंस में गिरे थे छह पोल
करीब छह माह पहले ही सिविल लाइंस इलाके में बिजली के छह पोल रात में एक-एक कर गिर पड़े थे। पोल पर 11 हजार वोल्ट का तार खिंचा हुआ था। घटना के वक्त उनमें करंट प्रवाहित हो रहा था। लोगों की सतर्कता से तत्काल बिजली आपूर्ति बंद हो गई। यह घटना रविवार को देर शाम हुई थी। भीड़भाड़ कम होने से अनहोनी टल गई थी। बिजली निगम की मानें तो शहर में करीब 70 पोल ऐसे हैं, जो जंग खाने से खराब हो गए है। अधिकांश पोल भीड़भाड़ वाले इलाके में हैं।
इनसेट
पुरवा उपकेंद्र की तीन घंटे ठप रही आपूर्ति
देवरिया। पुरवा विद्युत उपकेंद्र की टेस्टिंग रविवार को दिन में हुआ। इसके चलते तीन घंटे तक करीब 300 गांव और शहर के रामगुलाम टोला व भीखमपुर रोड की आपूर्ति ठप रही। बिजली नहीं मिलने के कारण उमसभरी गर्मी में लोगों को परेशान होना पड़ा।