विधानसभा चुनाव : बरहज, भाटपाररानी, रुद्रपुर में नहीं जीता कोई मुस्लिम प्रत्याशी
देवरिया। विधानसभा चुनाव में इस बार विभिन्न दलों से नौ मुस्लिम प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं। हालांकि बरहज, भाटपाररानी और रुद्रपुर में अब तक कोई मुस्लिम प्रत्याशी विधायक नहीं बन सका है। यह जरूर है कि पूर्व मंत्री शाकिर अली एवं गजाला लारी अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से तीन-तीन बार विधायक रह चुके हैं।
जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या तकरीबन 23 लाख 34 हजार 661 है। उसमें मुस्लिम मतदाताओं की संख्या दो लाख 11 हजार से अधिक है। विधानसभा चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं ने राजनीतिक दलों को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन कई क्षेत्रों में मुस्लिम प्रत्याशी जीत हासिल नहीं कर सके। इस बार रामपुर कारखाना क्षेत्र से सपा प्रत्याशी गजाला लारी, कांग्रेस से शहला अहरारी, निर्दल फिरोज, भाटपाररानी में जन अधिकार पार्टी से अमितुल्लाह, पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस से अंबरजहां, बसपा से परवेज आलम, आम आदमी पार्टी से जियाउल हक, बरहज में सुभाषवादी भारतीय समाज वादी पार्टी से रामइकबाल और रुद्रपुर से शब्बीर अहमद निर्दलीय समेत नौ मुस्लिम प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं।
1980 के चुनाव में इंदिरा कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे शकील चिश्ती सिर्फ 1268 मतों से चुनाव हार गए। लेकिन, इसका फायदा वर्ष 1985 में मुस्लिम प्रत्याशी फजले मसूद को जरूर मिला। देवरिया सदर से पहली बार चुनाव लड़कर फजले मसूद आजादी के बाद जिले के पहले मुस्लिम विधायक बन गए। उनके बाद गौरीबाजार से 1993 में शाकिर अली ने जीत का परचम लहराया। सलेमपुर से मुराद लारी 1996 में बसपा से चुनाव जीते। वर्ष 2002 में शाकिर अली दोबारा गौरीबाजार से विधायक चुने गए। फिर पथरदेवा से विधायक बने। सलेमपुर से वर्ष 2002 एवं 2007 में बसपा एवं सपा से गजाला लारी विधायक चुनी गईं। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2012 में नवसृजित विधानसभा क्षेत्र रामपुर कारखाना से सपा से भाग्य आजमाया और विधायक चुनी गईं। लेकिन वर्ष 2017 का चुनाव गजाला हार गईं। इस बार फिर रामपुर कारखाना से गजाला लारी भाग्य आजमा रही हैं।
मुस्लिम मतदाताओं की संख्या
एक राष्ट्रीय पार्टी के आंकड़ों के अनुसार, विधानसभा क्षेत्र सलेमपुर में 39 हजार, भाटपाररानी में 22 हजार, बरहज में 16 हजार, रुद्रपुर में 22 हजार, देवरिया सदर में 22 हजार, पथरदेवा में 60 हजार, रामपुर कारखाना में 30 हजार मुस्लिम मतदाता हैं।
शाकिर और गजाला तीन-तीन बार रह चुके हैं विधायक
पूर्व मंत्री स्व. शाकिर अली गौरीबाजार एवं पथरदेवा से तीन बार विधायक रह चुके हैं। उधर, जिले की पहली मुस्लिम विधायक बनने का गौरव हासिल करने वाली गजाला लारी सलेमपुर से दो बार एवं रामपुर कारखाना से एक बार विधायक रह चुकी हैं। इस बार गजाला लारी रामपुर कारखाना क्षेत्र में सपा से भाग्य आजमा रही हैं, वहीं पूर्व मंत्री शाकिर अली के पुत्र परवेज आलम पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र से बसपा से चुनाव मैदान में हैं। जिले में सबसे अधिक पथरदेवा में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या साठ हजार के करीब है।