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मंगलवार तक भेज दी जाएगी निराकरण आख्या

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मंगलवार तक भेज दी जाएगी निराकरण आख्या
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नगर पालिका सीमा विस्तार को मिली कैबिनेट की मंजूरी तो नए वोटरों का होगा दबदबा
निराकरण आख्या बनाने की तैयारी में कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार को हरी झंडी मिली तो बड़ा बदलाव भी दिखेगा। वार्डों की संख्या करीब 45 तक पहुंच जाएगी और वोटर भी पचास हजार से अधिक बढ़ेंगे। इसमें नए वोटरों का बड़ा महत्व होगा और चुनाव के दौरान प्रत्याशियों को लंबी दौड़ लगानी पड़ेगी। कारण यह कि शामिल हुए करीब 30 गांवों तक उनको पहुंचना होगा। सीमा विस्तार को लेकर नगर पालिका के कर्मचारियों को मंगलवार तक हर हाल में आपत्तियों का निराकरण आख्या भेज देना है।
जब गोरखपुर जनपद का देवरिया हिस्सा होता था, उस समय वर्ष 1930 में नगर पंचायत के रूप में था। इस दौरान पांच वार्ड होते और सभासद होते थे। इसके बाद तेरह साल बाद 1943 में नगर पालिका परिषद का दर्जा प्राप्त हुआ। 1952 में नए परिसीमन के तहत नौ वार्ड बनाए गए और प्रत्येक वार्ड में दो सभासद चुने जाते थे। पर नगर पालिका के डेढ़ किमी परिधि के क्षेत्र के आगे विस्तार नहीं किया गया। 1977 से 1988 प्रशासक कार्यकाल था। इसके कारण बोर्ड का गठन नहीं हुआ था। 1988 के दिसंबर माह में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई और 18 वार्डों का गठन हुआ। सभी वार्डों से एक-एक सभासद चुने जाने लगे। वर्ष 2000 में पचीस वार्ड बनाए गए लेकिन नगर पालिका क्षेत्र की सीमा का विस्तार नहीं हो सका। करीब 92 साल के अंदर सीमा विस्तार नहीं होने से नगर पालिका पंद्रह गांवों के 8597 गाटा तक सिमट कर रह गई है। इसका क्षेत्रफल महज 1308.501 हेक्टेयर है। नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिली तो तीस गांवों को मिला कर नगर पालिका क्षेत्र में करीब 45 वार्डों का गठन होगा। नगर पालिका के क्षेत्र की परिधि करीब पांच किमी होगी। वर्तमान में करीब 1.25 लाख वोटर नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव करते हैं लेकिन सीमा विस्तार होने के बाद वोटरों की संख्या 1.75 लाख के करीब पहुंच जाएगी। इसमें करीब पचास हजार से अधिक ग्रामीणों क्षेत्रों के नए वोटर मतदाता सूची में शामिल होंगे, जो नगर पालिका अध्यक्ष और सभासद का चुनाव करेंगे।
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नए क्षेत्र के वार्डों के विकास की राह आसान नहीं
देवरिया। नगर पालिका क्षेत्र का विस्तार होने के बाद नए वार्डों के विकास की राह आसान नहीं होगी क्योंकि शहर के 25 वार्डों पर नजर दौड़ाई जाए तो कई ऐसे मोहल्ले हैं, जहां पर अभी लोग जलकल के पानी को तरस रहे हैं। शहर के चकियवा, साकेत नगर पूर्वी, भीखमपुर रोड, रामगुलाम टोला, देवरिया खास, रामनाथ देवरिया, गरुलपार का कुछ हिस्सा, गायत्रीपुरम, देवहरी मंदिर के पास का इलाका जलकल के पानी से वंचित है।
गांव का बजट होगा बंद, प्रधान का कार्यकाल हो सकता है शून्य
देवरिया। नगर पालिका सीमा विस्तार होने पर ग्राम पंचायतों को मिलने वाले बजट पर रोक लगा दी जाएगी। इन क्षेत्रों के विकास की रफ्तार नगर पालिका बोर्ड की बैठक में तय होगी। जबकि दूसरी प्रबल संभावना है कि इन गांवों के चुने गए ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्यों का कार्यकाल भी समाप्त हो जाएगा। इन जगहों पर फिर से निकाय चुनाव के दौरान सभासद चुने जाएंगे।
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कोट
सीमा विस्तार को लेकर आई आपत्तियों की निराकरण आख्या तैयार की जा रही है। मंगलवार तक आख्या शासन को भेज दी जाएगी। सीमा विस्तार होने पर वार्ड और वोटर दोनों बढ़ेंगे। नगर पालिका का बजट भी बढ़ेगा।
-रोहित सिंह, ईओ
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