भूमि विवाद में लाठी डंडे से पीटकर राजगीर की हत्या, घर में घुसकर गर्भवती महिला को भी पीटा
रुद्रपुर। रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के गोनाह सुरतपुरा गांव में जमीन विवाद में शनिवार की रात में लाठी-डंडे से पीट कर राजगीर की हत्या कर दी गई। बीच-बचाव करने आए परिजनों को भी हमलावरों ने बुरी तरह से पीट कर घायल कर दिया। उन्होंने घर में घुसकर गर्भवती महिला की भी पिटाई की। पीड़ित परिवार घायलों को लेकर पूरी रात कोतवाली का चक्कर काटता रहा। सुनवाई नहीं होने पर रात में ही एसपी आवास के सामने धरने पर बैठ गए। एसपी संकल्प शर्मा की सख्ती के बाद रुद्रपुर पुलिस ने सक्रियता दिखाई और पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
गोनाह सुरतपुरा गांव के रहने वाले सुशील सिंह (48) राजगीर का काम करते थे। पड़ोस के रवींद्र सिंह के परिवार से न्यायालय में जमीन का विवाद चल रहा है। 22 जून को उनके भतीजे गोलू सिंह की शादी थी। शादी के दौरान घर के सामने विवादित जमीन से सामान हटाने के लिए उन्होंने कोतवाली में प्रार्थनापत्र दिया था। शनिवार की शाम वह अपने दरवाजे पर बैठे थे कि लाठी-डंडे से लैश लोगों ने उन पर हमला बोल दिया। पीटकर उनकी हत्या कर दी। परिजन बचाव में उतरे तो हमलावरों ने उनके भतीजे सोनू सिंह (28), गोलू सिंह (26) और मोनू सिंह को पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमलावर घर में घुसकर मोनू सिंह की गर्भवती पत्नी नीलम सिंह की पिटाई की। घटना से गांव में अफरातफरी मच गई। हत्या के बाद हमलावर चार पहिया वाहन से फरार हो गए। पीड़ित परिवार सुशील सिंह का शव लेकर कोतवाली पहुंचा। आरोप है कि पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की और न ही घायलों को अस्पताल भेजा। पीड़ित पक्ष जिला अस्पताल पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने सुशील सिंह को मृतक बताया। घायलों का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है।
आधी रात को परिजन एसपी आवास पर पहुंच गए। रुद्रपुर पुलिस को तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुकदमा दर्ज कर पांच लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। अगर किसी भी मामले में लापरवाही सामने आई तो जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -संकल्प शर्मा, एसपी
एसपी ने पीड़ित परिवार के जख्म पर लगाया मरहम
रुद्रपुर। हत्या जैसे जघन्य अपराध में मुकदमा दर्ज करने से आनाकानी रुद्रपुर कोतवाली पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। न्याय की उम्मीद छोड़ चुका पीड़ित परिवार आधी रात को एसपी आवास पर पहुंच गया। रोते-बिलखते सड़क पर बैठकर परिजन न्याय की गुहार लगाने लगे। एसपी संकल्प शर्मा को जब घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने कोतवाल को फटकार लगाई। उसके बाद मुकदमा दर्ज हुआ। लोगों का कहना है कि पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की बड़ी चूक है।
सुनील की हत्या के बाद स्थानीय पुलिस सवालों के घेरे में है। विवाद के बारे में कोतवाल को खुद जानकारी थी। इसकी शिकायत भी पहुंची थी। पर मुकदमा दर्ज न करना पड़े, इसके कारण पीड़ित पक्ष की तहरीर पर कार्रवाई नहीं की गई। जिसका परिणाम रहा कि सुनील की हत्या हो गई। इसके बाद स्थानीय पुलिस मुकदमा दर्ज करने से परहेज करने में जुटी रही। पुलिस सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो जिससे सुनील का विवाद चला आ रहा है, उसकी पकड़ के सामने स्थानीय पुलिस नतमस्तक बन रही। जिसके कारण मनोबल बढ़ गया, जबकि इस तरह के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के कई मामलों में ऐसा देखने को मिला है कि पीड़ित को न्याय के लिए एसपी आफिस आना पड़ा है।
...तो इस मामले में भी पुलिस को है बड़ी वारदात का इंतजार
रुपद्रपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र के मांगाकोड़र गांव निवासी पाना देवी पत्नी फागू चौहान के परिवार पर 14 मई को रास्ते के विवाद में कुछ लोगों ने हमला बोल दिया था। हमला करने वालों ने वादी की भतीजी अनुराधा को पीट दिया और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। पुलिस के आला अफसरों की सख्ती के बाद इस मामले में गांव निवासी अनिल यादव सहित चार लोगों पर मारपीट और एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बावजूद विवेचना के नाम पर पुलिस ने अभी तक गिरफ्तारी नहीं की है। इसी बीच भूमि पैमाइश के दौरान पीड़ित पक्ष के साथ खड़े प्रधान के पति अमित यादव पर जानलेवा हमला बोल दिया गया। इसके बाद पुलिस ने घटना का अल्पीकरण कर मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में शनिवार को पीड़ित ने एसपी से गुहार लगाई है।