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अब बार की आम सभा में होगा फैसला

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- डीएम ने कहा, फिर से पीड़ित अधिवक्ता दे सकते है साक्ष्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। दीवानी कचहरी के अधिवक्ता विष्णु जायसवाल की कोतवाली पुलिस द्वारा की गई पिटाई के आरोप के मामले में शुक्रवार को जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन के साथ बार अध्यक्ष सिंहासन गिरि सहित दस सदस्यीय कमेटी की बैठक हुई। डीएम से वार्ता के दौरान कोई नतीजा न निकलने के कारण अधिवक्ताओं ने कहा कि पूूरे मामले पर सोमवार को बार की आम सभा की बैठक में फैसला लिया जाएगा कि आगे क्या करना है।
डीएम के बुलाने पर दोपहर में करीब ढाई बजे डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, सचिव मनोज राय, अजय राय,कुंदन श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष सुभाष राव,प्रबोद्ध श्रीवास्तव सहित दस सदस्यीय कमेटी कलेक्ट्रेट सभागार में वार्ता के लिए पहुंची। जहां पर करीब ढाई घंटे तक लंबी वार्ता के दौरान घटना से जुड़े हर मुद्दों पर चर्चा हुई। डीएम ने वैज्ञानिक साक्ष्य को आधार को लेकर अधिवक्ताओं से चर्चा करते हुए कहा कि अधिवक्ता विष्णु जायसवाल फिर से साक्ष्य दे सकते हैं। इस पर अधिवक्ता साक्ष्य और अन्य बातों को लेकर बार के आम सभा के समक्ष रखने की बात डीएम से कही और इस बारे में सोमवार को आम सभा की बैठक में फैसला होने की बात कही।
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यह है मामला
शहर के रामजानकी मंदिर के सामने दुकानों की तोड़-फोड़ के मामले में आरोप है कि एक दिसंबर की देर शाम कोतवाली पुलिस ने अधिवक्ता विष्णु जायसवाल को कोतवाली में पिटाई की। इस मामले में अधिवक्ताओं ने डीएम कार्यालय पर दो दिसंबर को विरोध प्रदर्शन किया तो डीएम ने टीम गठित कर जांच का निर्देश दिया। इसी दिन तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एसपी ने कार्रवाई भी की। इसके बाद डीएम आशुतोष निरंजन एवं एसपी डा. श्रीपति मिश्र ने पूरे मामले को वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर झूठा करार दे दिया। तर्क दिया कि पिटाई का कोई प्रमाण एवं साक्ष्य नहीं मिला है। मोबाइल फोन की सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मारपीट की बात झूठी साबित हो रही है।
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