बच्चों को बांटने वाली दवा कबाड़खाने में मिली
मईल। बच्चों के कुपोषण की दवा बीआरसी ( भागलपुर) मईल के बगल में बने मत्स्य पालन के जर्जर भवन में फेंकी मिली। किसी ने इसका वीडियो बनाकर जिला प्रशासन को भेज दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने जांच के लिए खंड विकास अधिकारी भागलपुर को भेजा।
प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के स्वास्थ्य के लिए कई सरकार कल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम प्राथमिक विद्यालयों पर जाकर बच्चों के वजन कर उसे कुपोषण से बचाव के लिए दवा वितरण करने की योजना चला रही है। बीआरसी के अधिकारी और कर्मचारियों की ओर से जो दवा बच्चों में बांटने के लिए आई थी, उसको बगल के मत्स्य विभाग के बने जर्जर भवन के कबाड़ खाने में रख दिया गया। उसकी एक्सपायरी डेट 2023 तक है।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी भागलपुर पन्नेलाल ने बताया गया कि बीआरसी के कर्मचारी और अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। दवाआें को बीआरसी पर मत्स्य विभाग के बने जर्जर भवन के कबाड़ खाने में रखी गई थी। जांच चल रही है। इसमें जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएंगी। बीआरसी बंद था, इस लिए किसी से बात नहीं हो पाई है।