संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। सावन मास में दुग्धेश्वरनाथ मंदिर के गर्भगृह में रुद्राभिषेक को लेकर नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। तीन महंतों की गद्दी वाले पीठ में रुद्राभिषेक को लेकर तीनों महंतों में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
महंत रमाशंकर भारती ने अपनी पारी में गर्भगृह में रुद्राभिषेक पर पाबंदी लगा दी है। इसका महंत विजय शंकर और महंत छोटू विरोध कर रहे हैं। दुग्धेश्वरनाथ मंदिर तीन महंतों की पीठ है। इसमें महंत रमाशंकर की माह में 10 दिन, महंत विजयशंकर की 15 दिन और महंत छोटू की एक माह में पांच दिन की पारी रहती है, यानी तीनों महंत अपनी-अपनी पारी में गद्दी पर बैठते हैं।
महंत रमाशंकर भारती ने कहा कि श्रवण मास में गर्भगृह में रुद्राभिषेक करने से आम श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन और जलाभिषेक करने में परेशानी हो रही है।
रुद्राभिषेक कराने वालों से पूरा गर्भगृह भर जा रहा है। इससे दूर-दराज से आने वाले भक्त परेशान हो रहे हैं। मंदिर परिसर में स्थापित अन्य शिवलिंग पर रुद्राभिषेक कराकर भी दुग्धेश्वरनाथ में अनुष्ठान पूरा किया जा सकता है।
इस कारण उन्होंने अपनी पारी में गर्भगृह में रुद्राभिषेक कराने पर रोक लगा दी है। वहीं महंत विजयशंकर ने कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ के दौरान रुद्राभिषेक नहीं होता है। गर्भगृह में शुक्रवार और सोमवार को रुद्राभिषेक रात 11 बजे के बाद कराया जाता है। अन्य दिवसों पर मंदिर खाली रहने पर कभी भी अभिषेक हो सकता है।
गर्भगृह में भक्तों की रुद्राभिषेक करने की आस्था है। ऐसे में इस पर रोक लगाने से विवाद बढ़ेगा। महंत विजयशंकर और छोटू ने कहा कि उनकी पारी में गर्भगृह में रुद्राभिषेक कराने पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।