छह साल में धन दोगुना की लालच में गवाए लाखों रुपये
देवरिया। छह साल में जमा धन को दुगुना होने की लालच में कई महिलाएं एक कोआपरेटिव सोसायटी में अपनी पूंजी जमाकर अब उसे पाने के लिए परेशान हैं। जमा धन की मांग करने पर जिम्मेदार जब आनाकानी करने लगे तो महिलाओं ने शुक्रवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर शाखा प्रबंधक के खिलाफ तहरीर दी।
बरहज थाना क्षेत्र के पूर्वी पटेलनगर निवासिनी तारा देवी पत्नी कमलेश निषाद सहित अन्य महिलाओं ने तहरीर के जरिए आरोप लगाया है कि उन्होंने कैमुना क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड शाखा बरहज में खाता खोलकर धन जमा किया। तत्कालीन शाखा प्रबंधक एवं एक एजेंट के कहने पर नगरपालिका क्षेत्र के पटेलनगर, केवटलिया, नया नगर, पलिया, कुटीघाट, पुराना बरहज, मछलीहट्टा, तिवारीपुर की सैकड़ों महिलाओं ने कोआपरेटिव में खाता खोलकर 10 हजार से लेकर एक लाख से अधिक की रकम जमा कराई।
कुछ ने फिक्स डिपॉजिट भी कराया है। आरोप है कि रकम जमा कराने का कार्य जहाजघाट पटेलनगर की एक महिला करती थी। तारा देवी ने बताया कि 31 मई वर्ष 2016 से लेकर अब तक वह कुल 1.94 लाख रुपये जमा कर चुकी हैं। छह साल की अवधि पूरा होने के बाद जब वह भुगतान के लिए शाखा प्रबंधक व एजेंट से संपर्क कीं तो वे कहने लगे कि संस्था के लोग भाग गए हैं। कोशिश होगी कि धन का भुगतान हो जाए। कई माह बीत गए, अब तक भुगतान नहीं किया गया। उनके साथ आईं जमाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जमा रकम को बैंक के उच्चाधिकारियों एवं स्थानीय प्रबंधक ने लोगों को विश्वास में लेकर गबन करते हुए हड़प लिया है। रकम वापस मांगने पर वे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।
इन्होंने भी गंवाई हैं पूंजी
सुमित्रा देवी 36 हजार, राधा 1.10 लाख, बच्ची देवी 30 हजार, जैतुन 1.60 लाख, भगवती देवी 32 हजार, हेमराज चौहान साढ़े 10 हजार, शारदा देवी पचपन सौ, कौशिल्या देवी 50 हजार, तारा देवी 74 हजार, निर्मला देवी 35 हजार, धर्मी देवी 54 हजार, राधिका देवी 36 हजार, धर्मेंद्र साहनी 16 हजार रुपये गंवा चुकी हैं। इसी तरह आशा देवी 10 हजार, अभिषेक साहनी साढ़े 18 हजार, गुड़िया देवी एक लाख, इंद्रावती साढ़े 13 हजार, रिंकी 10 हजार, मीना देवी 10 हजार, सोशिला देवी 50 हजार, रामप्रसाद 50 हजार, असगर 20 हजार, गीता ने 20 हजार रुपये गंवाए हैं।
बरहज शाखा पर 2020 तक प्रबंधक था। उसके बाद गोरखपुर स्थानांतरण हो गया। ब्रांच से नोड्यूज लेकर गोरखपुर चला गया। कुछ दिनों बाद दिक्कतों के चलते इस्तीफा दे दिया। अपने कार्यकाल के दौरान जमाकर्ताओं की रकम को कंपनी के खाते में जमा करा दिया था। कंपनी के सीएमडी धोखाधड़ी के आरोप में इस समय नैनीताल जेल में बंद हैं।
- अष्टभुजा सिंह, शाखा प्रबंधक
महिला खाताधारकों की शिकायत के बाद जांच कराई जा रही है। मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
-डॉ. श्रीयश त्रिपाठी, सीओ सिटी