देवरिया। बस्ती जिले में तैनात और देवरिया सदर कोतवाली के मुड़ाडीह गांव निवासी दरोगा अजय कुमार गौड़ के पिता रामचंद्र ने बेटे की मौत के लिए पुलिस वालों को कसूरवार ठहराया है। उनका कहना है कि बेटे के गायब होने के बाद बहू और परिवार के अन्य लोग खोजते रहे, जबकि पुलिस वालों ने अपने साथी की तलाश की कोशिश ही नहीं की। वहीं गांव के लोग भी इस घटना से हतप्रभ हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बीते छठ पूजा में अजय परिवार समेत आए थे और सभी से बड़े जोश से मिले थे। वे गांव के नौजवानों को हमेशा सकारात्मक सोचने और अपने लक्ष्य को हासिल करने का टिप्स दिया करते थे।
रामचंद्र के तीन बेटों में बड़े दिलीप गौड़ स्वास्थ्य विभाग में हेल्थ सुपरवाइजर पद पर कार्यरत हैं। वहीं छोटे भाई अरुण कुमार गौड़ पीसीएस अधिकारी हैं। अरुण की पत्नी अंजू सिंह गौड़ भी पीसीएस अधिकारी हैं। बहन शशिप्रभा भी अध्यापिका हैं। परिवार के कई सदस्य सरकारी सेवाओं में हैं।
गांव में इस परिवार की छवि सभ्य और मिलनसार लोगों में है। अजय के बहनोई संजय ने बताया कि वर्ष 2006-07 में शादी हुई थी। अजय की बेटी अमृता राज और बेटा उत्कर्ष राज हैं।
पत्नी रंजीता के फोन से घरवालों को मिली जानकारी : घरवालों ने बताया कि 5 फरवरी को अजय कमरे पर वापस नहीं लौटे तो पत्नी रंजीता ने इसे सामान्य बात समझा लेकिन देर रात तक संपर्क न होने पर चिंता बढ़ गई। अगले सुबह रंजीता ने ससुर रामचंद्र गौड़ को फोन कर जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार सक्रिय हो गया। बड़े भाई दिलीप कुमार गौड़ गांव के कुछ लोगों को साथ लेकर बस्ती पहुंचे। वहीं झांसी में तैनात छोटे भाई अरुण कुमार गौड़ भी बस्ती आए।