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जिला अस्पताल में बढ़ी मरीजों की भीड़

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जिला अस्पताल में रजिस्ट्रेशन कराने पहुंचे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। संवाद न्य - फोटो : DEORIA
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जिला अस्पताल में बढ़ी मरीजों की भीड़
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला अस्पताल में सोमवार को बड़ी संख्या में उपचार के लिए मरीज पहुंचे। इस कारण लोगाें को पंजीयन से लेकर परामर्श तक के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। ओपीडी में बुखार, सर्दी, खांसी, सांस, झटका से पीड़ित बच्चों की संख्या अधिक रही। पीआईसीयू में एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज किया जा रहा था।
मौसम बदलने से संक्रमण का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। इससे वायरल फीवर की चपेट में लोग आ रहे हैं। इसमें बच्चे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। सोमवार को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज से संबद्ध जिला अस्पताल में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से 1706 मरीज इलाज कराने पहुंचे। सामान्य दिनों में यह संख्या औसतन 1100 से 1200 रहती है। बाल रोग विभाग की ओपीडी में असिस्टेंट प्रो. डॉ. विनीत जायसवाल व एसआर डॉ. नरेंद्र जायसवाल ने मरीजों का इलाज किया। यहां बुखार, सर्दी, खांसी, सांस, निमोनिया, उल्टी-दस्त, झटका से पीड़ित करीब सौ बच्चों को लेकर तीमारदार पहुंचे। इनमें गंभीर रूप से बीमार तकरीबन आठ बच्चों को भर्ती किया गया, अन्य को जांच के बाद दवा लिखी गई। उधर पीआईसीयू वार्ड में करीब 45 बच्चे भर्ती हैं। कुछ बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती कर इलाज चल रहा है। चर्म रोग विभाग में डॉ. अजीत पाल के पास फंगल इंफेक्शन के मरीजों की भीड़ रही। यहां 160 मरीज आए। फिजीशियन कक्ष में असिस्टेंट प्रो. डॉ. सिराजुद्दीन, एसआर डॉ. गौरव सिंह, जेआर डॉ. अंकिता गुप्ता के पास शुगर, बीपी, वायरल फीवर से पीड़ित 108 मरीज पहुंचे। इसमें 16 लोग से बुखार से पीड़ित थे। सर्जरी विभाग में असिस्टेंट प्रो. डॉ. मानवेंद्र ने एसआर व जेआर के साथ लगभग सौ मरीजों का इलाज किया। चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके सिंह ने जेआर के साथ वायरल फीवर, सांस, चक्कर, पेट तथा तनाव से पीड़ित साठ मरीजों का इलाज किया। हड्डी रोग में डॉ. पीएन कन्नौजिया ने साथ जेआर ने लगभग डेढ़ सौ से अधिक मरीजों का इलाज किया। नाक, कान, गला कक्ष में भी भीड़ रही।
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मशीन खराब होने से कई जांच प्रभावित
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में सुबह लंबी कतार रही। दोपहर दो बजे तक 211 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। इनकी 5506 जांच की जानी थी। लैब की सेलेक्ट्रा मशीन खराब होने से कई महत्वपूर्ण जांच प्रभावित रही। हालांकि इसे ठीक कराया गया है। ईसीजी भी अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक हुई। सोमवार को दस लोगों की ईसीजी की गई।
सीटी स्कैन : बिजली गुल होने से हुई परेशानी
सीटी स्कैन कक्ष में मरीजों की भीड़ रही। दोपहर दो बजे तक जांच के लिए सौ लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ। इसमें 66 लोगों की जांच की गई थी। इसी बीच बिजली गुल होने से कार्य प्रभावित हो गया। इस तरह की दिक्कत दिन भर में कई बार आई, जिससे लोगों को परेशानी हुई।
फीवर डेस्क पर आए 22 मरीज
जिला अस्पताल में फीवर डेस्क स्थापित है। हालांकि बुखार की जांच के लिए न थर्मामीटर है और न ही थर्मल स्क्रीनिंग के लिए कोई इंतजाम है। इसके बावजूद बाइस मरीजों का इलाज किया गया।
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मौसम में परिवर्तन के कारण अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ी है। अस्पताल में आने वाले मरीजों का इलाज किया गया। संसाधन व दवा की कमी नहीं है। मरीजों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. एचके मिश्रा, चिकित्सा अधीक्षक एवं बाल रोग विशेषज्ञ
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