रुद्रपुर में हुई विश्व हिंदू परिषद के गोरक्षा विभाग की बैठक में बोले राष्ट्रीय संगठन मंत्री
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। विश्व हिंदू परिषद के गोरक्षा विभाग की रविवार को रुद्रपुर के पं. श्रीकृष्ण उपाध्याय महिला महाविद्यालय में बैठक हुई। इसमें देसी गाय के वैज्ञानिक महत्व और व्यवसायिक उपयोग पर चर्चा हुई।
मुख्य अतिथि विश्व हिंदू परिषद गोरक्षा विभाग के राष्ट्रीय संगठन मंत्री खेम चंद शर्मा ने कहा कि देसी गाय चलता फिरता अस्पताल है। गोरक्षा विभाग देश भर में देसी गाय के विज्ञान को प्रचारित करने में लगा है। हम घर-घर गाय, गांव-गांव गोशाला, यही हमारी निरोगशाला के मंत्र को लेकर देशी गाय पालन को व्यवसायिक बना रहे हैं। देसी गाय देश की सबसे ज्वलंत समस्याओं का निदान है।
उसका दूध, हड्डी, गोबर और मूत्र शरीर का हर अंग उपयोगी है। देसी गाय को वैज्ञानिक तरीके से पालकर नौजवानों की बेरोजगारी दूर हो रही है। उसके गोबर और गोमूत्र से तमाम तरह के उत्पाद बन रहे हैं। जो लाइलाज बीमारियों में सबसे कारगर इलाज साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि देसी गाय के मूत्र से गोनाइल और गोबर से धूप,शैैंपू और साबुन बन रहा है। गोरक्षा विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गुरू प्रसाद सिंह ने कहा कि जर्सी गाय का दूध पूतना के दूध की तरह जहरीला है। देसी गाय का दूध अमृत है। देसी गाय संवर्धन कार्यक्रम के तहत गोरक्षा विभाग नस्ल सुधार को बढ़ावा दे रहा है। संगठन भारत के घर घर में देसी गाय के दूध को पहुंचाने का संकल्प लिया है। देशभर में गोरक्षा विभाग की 1200 गोशालाएं संचालित हो रहीं हैं। 100 प्रशिक्षण केंद्रों पर गाय से बनने वाले प्रोडक्ट की ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्होंने युवाओं को देसी गाय के संरक्षण और पालन में आगे आकर भारतीय संस्कृति की प्रतीक गाय की रक्षा करने की सलाह दी। इस अवसर पर गाय माता की आरती कर उनका पूजन किया गया। बैठक में प्रांत प्रमुख सतीश राय, प्रभाकर मिश्र, वासुदेव पटेल, मोहन उपाध्याय, मृदुला मिश्रा, भगवान यादव, अरविंद शुक्ला आदि मौजूद रहें।