सपा नेता की रिहाई के दौरान हंगामा, पुलिस ने भांजी लाठियां
देवरिया। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान नामांकन के दिन कलेक्ट्रेट गेट पर हुए बवाल में नामजद सपा नेता अभिजीत यादव की शुक्रवार को रिहाई के दौरान सपा नेताओं एवं पुलिस में कहासुनी के बाद झड़प हो गई। पूर्व सांसद की गाड़ी को सीओ द्वारा क्रेन से हटवाने पर समर्थकों ने जेल के बाहरी गेट के पास जमकर हंगामा किया। मौके पर जेल पुलिस चौकी प्रभारी और सिपाहियों के साथ सपा समर्थकों ने धक्कामुक्की की। सूचना पर भारी संख्या में पुलिस पहुंची और लाठियां पलटकर सपाइयों को मौके से खदेड़ा।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए हुए नामांकन के दौरान 26 जून को पुलिस एवं सपा नेताओं में कहासुनी के बाद धक्का मुक्की हुई थी। पुलिस ने मौके से गिरफ्तार सपा नेता अभिजीत यादव को गिरफ्तार कर भेज दिया। बाद में रासुका में निरुद्ध कर दिया। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अभिजीत की शाम को रिहाई होनी थी। रिहाई के बाद जश्न मनाने के लिए सपा समर्थक तकरीबन 20 गाड़ियां लेकर जेल गेट पर पहुंच गए। इसी दौरान सड़क किनारे पूर्व सांसद सलेमपुर रमाशंकर विद्यार्थी अपने वाहन में बैठे थे। पुलिस ने सांसद की गाड़ी हटाने के लिए क्रेन बुलवा लिया। इसे लेकर सपा नेताओं का गुस्सा फूट पड़ा और सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी से बहस कर बैठे। कुछ ही देर में उग्र समर्थकों की पुलिस से नोकझोंक हो गई। इस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया तो सपा नेताओं में भगदड़ मच गई। कुछ ही देर में अधिकांश समर्थक और नेता जेल गेट से दूर चले गए। केवल अभिजीत के परिवार के लोग ही जेल गेट पर रिहाई तक पुलिस के सामने जमे रहे। मामला गंभीर देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। सीओ ने बताया कि जेल गेट पर काफी संख्या में भीड़ जुट गई थी। कुछ लोगों से वाहन हटाने के लिए कहा गया तो वह बहस करने लगे। लाठीचार्ज नहीं किया गया है। सभी को दूर खड़ा रहने को कहा गया। दो गाड़ियों को पुलिस ने कब्जे में लिया हैं। उधर सपा जिलाध्यक्ष दिलीप यादव ने कहा है कि पुलिस गुंडई पर उतर आई है।