बीएसए के सरकारी आवास पर लटका ताला, फोटो संवाद
देवरिया। गोरखपुर पुलिस के बृहस्पतिवार को देवरिया आने की चर्चा थी। जानकारी के अनुसार पुलिस को बीएसए कार्यालय में जांच को आगे बढ़ाना था।
वहीं गायब डीवीआर के मामले में आवास की छानबीन करने की भी संभावना थी। इसकी भनक लगते ही बीएसए आवास से उनके रिश्तेदार सामान लेकर चले गए। हालांकि जांच टीम नहीं पहुंची।
कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन के शिक्षक कृष्णमोहन सिंह ने अपने सुसाइड नोट और वीडियो में बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव और उनके एक पटल सहायक संजीव सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद बीएसए और उनके पटल सहायक के अलावा एक अज्ञात पर गोरखपुर में गुलरिहा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर लिया।
इस प्रकरण में बुधवार को गोरखपुर की पुलिस देवरिया आई थी। उसने बीएसए कार्यालय में करीब पांच घंटे बिताए। इस दौरान कार्यालय के एक-एक बाबू से उनके कार्य और कार्यालय के माहौल की जानकारी ली। पुलिस ने कार्यालय में लगे डीवीआर की छानबीन की तो पता चला कि 20 फरवरी को जिस दिन शिक्षक बीएसए कार्यालय में पहुंचे थे, उस दिन की डीवीआर रिकॉर्डिंग देखने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें कोई रिकार्डिंग नहीं मिली। पता चला कि हार्डडिस्क को आउटसोर्सिंग कर्मी ने बदलवा दिया। यह डीवीआर एक बाबू के कमरे में लगा है।
सूत्रों के अनुसार बीएसए डीवीआर की पुरानी हार्डडिस्क अपने साथ ले गई। इसके बाद डीवीआर की हार्डडिस्क बरामद करने के लिए पुलिस बीएसए के आवास पर जाने वाली थी। इससे पूर्व दोपहर में बीएसए के रिश्तेदार आवास से डायरी, कुछ कागजात और ब्रीफकेस लेकर कार से चले गए। आवास पर ताला लटका हुआ है।