सागौन के बगीचे में लगी आग, गेहूं भी जलकर बर्बाद
देवरिया। तेज पछुआ हवा के बीच रविवार को भी जनपद में कुछ जगहों पर आग से तबाही मची। बरहज में रेलवे स्टेशन मार्ग स्थित यार्ड के सागौन के बागीचे में रविवार को आग लग गई। उससे अफरातफरी मच गई। तेज हवा होने के कारण आग बुझाने में आसपास के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बरहज प्रतिनिधि के अनुसार, सुबह रेलवे स्टेशन के पास बागीचे में गिरे सूखे पत्ते धू-धू कर जलने लगे। धीरे- धीरे आग खेत की तरफ पहुंच रही थी। आसपास के लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पा लिया। उससे आग बगल के गांव में नहीं पहुंच पाई। दोपहर में पलियां, बनकटिया और पिपरा कोट में अचानक आग लग गई। गेहूं की फसल और डंठल धू-धू कर जलने लगी। सूचना पर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। ग्रामीण झाड़-झंखाड़ के जरिए आग बुझाने लगे। हालांकि तेज हवा के कारण वे असहाय थे। आग तेजी से फसल और डंठल को जद में लेती हुई आगे बढ़ रही थी।
इसी तरह करुअना क्षेत्र के पिपरा पांडेय गांव में किसी ने दरवाजे पर कूड़ा-करकट जलाया था। उससे खेरियां गांव तक आग पहुंच गई। सूचना पर फायर ब्रिगेड की छोटी गाड़ी पहुंची। लोगों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। उससे खेरियां के विजय यादव का तीन, प्रहलाद डेढ़, शंभू, श्रीपति, रामसकल का दो-दो और रमाशंकर के एक बीघा सहित करीब 30 बीघा गेहूं की फसल और डंठल जल गया।
पथरदेवा प्रतिनिधि के अनुसार, तरकुलवा थाना क्षेत्र के पथरदेवा कस्बे के पास लगी आग से कई किसानों की लगभग एक एकड़ गेहूं की फसल जल कर खाक हो गई। कई गांवों के सैकड़ों लोगों के अथक परिश्रम से आग पर काबू पाया जा सका। आग से अरविंद शर्मा, उमेश शर्मा, लालजी प्रसाद, इश मोहम्मद आदि के खेत में खड़ी एक एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
मईल क्षेत्र में फिर लगी आग
मईल। स्थानीय थाना क्षेत्र के गहिला गांव के खेत में शनिवार को लगी आग बुझने के बाद रविवार को पछुआ हवा से फिर सुलग गई। निकली चिंगारी देखते देखते ही देखते गहिला, डेहरी, अंडिला, ज्ञानछापरा गांव की फसलों के डंठल में पकड़ ली। ग्रामीणों व फायर ब्रिगेड के काफी मशक्कत कर चार घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। गनीमत यह रही कि अधिकांश किसानों ने अपनी फसल काट ली थी। अंडिला गांव निवासी अशोक राजभर, तारकेश्वर उपाध्याय, रतनेश, निलेश की फसल जल गई। थानाध्यक्ष मईल प्रमोद कुमार सिंह, ग्राम प्रधान विनित उपाध्याय युवकों के साथ आग बुझाने में लगे रहे।