डीएम ने टीकाकरण केंद्र का किया निरीक्षण, सीएमओ व नोडल अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब
देवरिया। जनपद में बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य पोषण दिवस के तहत नियमित टीकाकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। डीएम आशुतोष निरंजन ने बैतालपुर ब्लॉक की छेरियां ग्राम पंचायत में टीकाकरण का निरीक्षण किया। खामियां पाए जाने पर नाराजगी जताई और सीएमओ व नोडल अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही एमओआईसी को चार्जशीट तथा एक एएनएम, दो आशा एवं एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सेवा समाप्ति का नोटिस देने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी के निरीक्षण में कर्मियों की शिथिलता उजागर हुई। टीकाकरण केंद्र पर कई जरूरी दवाएं एवं चिकित्सा उपकरण नहीं थे। डीएम ने एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के टीकाकरण से संबंधित अभिलेखों की जांच की। उन्होंने पाया कि एएनएम और आशा ने टीकाकरण के लिए बच्चों की अद्यतन लिस्ट नहीं बनाई है। बच्चों को बुलावा पर्ची भी नहीं भेजा गया। केंद्र पर बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का वजन मापने का उपकरण और हाइट स्केल सहित कई अन्य उपकरण नहीं मिले। टीकाकरण केंद्र की आधी-अधूरी तैयारी और लापरवाही की जवाबदेही तय करते हुए जिलाधिकारी ने सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय तथा नोडल अधिकारी डॉ. संजय चंद से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही टीकाकरण केंद्र के इंचार्ज एमओआईसी को आरोप पत्र जारी करने का निर्देश दिया। एएनएम लक्ष्मी यादव, आशा कार्यकर्ता निर्मला देवी और रीता देवी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता साधना श्रीवास्तव को नोटिस दिया, जिसका सात दिन के अंदर जवाब देना होगा। संतोषजनक जवाब न होने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह, डब्ल्यूएचओ के डॉ अंकुर सांगवान, यूनीसेफ के डॉ. गुलजार त्यागी आदि मौजूद रहे।
क्या है नियमित टीकाकरण कार्यक्रम
डीएम आशुतोष निरंजन ने बताया कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत शून्य से दो वर्ष तक के बच्चों को पोलियो, टीबी, काली खांसी, रूबेला, गलघोंटू, टिटनेस, पीलिया, निमोनिया, रोटावायरस, पीसीवी, आईपीवी आदि के टीके लगाए जाते हैं। कोविड-19 की वजह से बहुत से बच्चों का नियमित टीकाकरण अवरुद्ध हो गया था। बच्चों को स्वस्थ एवं सुरक्षित रखने के लिए ये सभी टीके अति आवश्यक हैं। जिला प्रशासन आगे भी इस तरह के विशेष सत्र आयोजित करके नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को क्रियान्वित करेगा, जिससे जनपद के सभी बच्चे वैक्सीन की सुरक्षा कवच में सुरक्षित रह सकें।