संवाद न्यूज एजेंसी देसही देवरिया। पहाड़पुर गांव स्थित सिद्धपीठ शिव मंदिर में चल रहे सात दिवसीय श्री अनंत शिव शक्ति रुद्र महायज्ञ के छठे दिन रामलीला मंडली के कलाकारों ने अयोध्या में राम के राज्याभिषेक, कैकेई के दो वर मांगने, राम वनगमन आदि प्रसंग का मंचन किया। बैतालपुर विकास खंड क्षेत्र के पहाड़पुर गांव स्थित शिव मंदिर पर चल रहे महायज्ञ के छठे दिन रामलीला मंडली के कलाकारों ने मंचन में दिखाया कि अयोध्या के चक्रवर्ती राजा दशरथ ने ज्येष्ठ पुत्र राम को राजा बनाने का फैसला कर लिया। राम के राज्याभिषेक की तैयारियां चल रही हैं। प्रजा अपने प्रिय राम को राजा के रूप में देखने के लिए उत्सुक थी। इसी बीच सबको विस्मित करती हुई कैकेई कोप भवन में चली गईं। जानकारी होने के बाद दशरथ उनके कक्ष में गए। कैकेई ने दशरथ से पूर्व में प्राप्त दो वर, भरत को राज्याभिषेक व राम को चौदह वर्ष का वनवास मांग लिया।
इससे दशरथ हतप्रभ रह गए। राम उनके पास पहुंचे। पिता की विवशता को जानकर उन्होंने कहा कि हे राजन! आप धर्मप्रिय, प्रतापी राजा हैं। आपको इतना अधीर होना शोभा नहीं देता। मैं माता कैकेई के इन दोनों वचनों को शिरोधार्य कर रहा हैं। इसलिए आप धर्म से विचलित न होइए।
राम के साथ लक्ष्मण और सीता भी अंततः वन जाने को तैयार हो गए। राम, सीता और लक्ष्मण को तपस्वी परिधान धारण कर वन जाते देख सभी दर्शक भावुक हो गए।