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देवरिया हत्याकांड: गांव में दहशत बरकरार, घरों में दुबके बच्चे-महिलाएं; तमाम मकान छोड़कर भागे

Thu, 05 Oct 2023 03:41 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी,देवरिया।

सार

सत्यप्रकाश दूबे के दरवाजे पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव की हत्या के बाद प्रतिशोध में एक ही परिवार के पांच लोगों को मार डालने की वारदात से गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस ने एक परिवार के पांच लोगों की हत्या के बाद दूसरे पक्ष के 27 नामजद और 50 अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज किया है।
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फतेहपुर गांव में पसरा सन्नाटा - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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देवरिया जिले में सामूहिक हत्याकांड के बाद चारों तरफ से पुलिस की घेराबंदी से फतेहपुर गांव के लेहड़ा टोले में दहशत का माहौल है। ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों की वजह से दहशतजदा गांव के अधिकांश पुरुष घर छोड़कर फरार हैं। वहीं महिलाएं और बच्चे घरों में दुबके हुए हैं। अपने मवेशियों को दूसरों के दरवाजों पर बांधकर फरार 30 लोगों के घरों पर ताले लटके हैं। घटना के तीसरे दिन भी गांव के बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे।

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सत्यप्रकाश दूबे के दरवाजे पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव की हत्या के बाद प्रतिशोध में एक ही परिवार के पांच लोगों को मार डालने की वारदात से गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस ने एक परिवार के पांच लोगों की हत्या के बाद दूसरे पक्ष के 27 नामजद और 50 अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज किया है। इसमें से मंगलवार को 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया था। बुधवार की सुबह भी पुलिस ने चार आरोपियों को गांव से गिरफ्तार किया।

हत्याकांड वाले टोले के चारों तरफ पुलिस ने घेराबंदी कर दी है। पुलिस, गांव में आने-जाने वाले हर व्यक्ति से कारण पूछ रही है। पुलिस की कार्रवाई के डर से कई घरों में ताला लटक गया है। गांव में किसी के आने की सूचना पर महिलाएं और बच्चे खिड़की के रास्ते झांक रहे हैं।

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ग्रामीण दहशत में जरूरत के सामान खरीदने के लिए भी गांव से बाहर नहीं निकल रहे हैं। गांव के दोनों सरकारी स्कूलों पर बुधवार को भी बच्चे पढ़ने नहीं पहुंचे। पुलिस की पहरेदारी और कार्रवाई को देख अभिभावक अपने पाल्यों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं।

दोपहर 12 बजे गांव के चौराहे के एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इतना डर लग रहा है कि कुछ बोलना ही ठीक नहीं है। अभी भी मारकाट की आवाजें कानों में गूंज रही हैं। बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे दुकान पर आए एक बाइक सवार ने पूछा कि फतेहपुर का लेहड़ा टोला किधर है? दुकानदार कुछ देर चुप रहा और इशारे में रास्ता बता दिया। धान के खेत में घास निकाल रही एक महिला ने कहा- बाबू, जमीन यहीं रह जाएगी और सभी को ऊपर चले जाना है। संतोष तो करना पड़ेगा।

चारा काटकर जा रहे इसी गांव के एक व्यक्ति ने बताया कि जो लोग फरार हैं, उसमें से तीन के चार जानवर उनके दरवाजे पर बंधे हैं। अब उनके लिए भी चारे की व्यवस्था करनी पड़ रही है। पगडंडी पर साइकिल से आ रहे एक किशोर ने बताया-पापा घर पर नहीं हैं। रुपये नहीं हैं। चौराहे पर गेहूं देकर सरसों का तेल लेने जा रहा हूं। एक वृद्ध ने बताया-दांत में दर्द हो रहा है। चौराहे पर जा रहा हूं। डर लग रहा है कि पुलिस कहीं पकड़ न लें।

 
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फतेहपुर गांव में चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस बल - फोटो : अमर उजाला।
मेहड़ा पुरवा में बवाल के बाद पूरी रात चौकन्नी रही पुलिस, चप्पे-चप्पे पर रही नजर
मेहड़ा पुरवा में एक अक्तूबर को हुए बवाल में घायल एक व्यक्ति की मंगलवार को मौत के बाद मामला अब गंभीर हो गया है। तनाव को देखते हुए पूरी रात यहां पुलिस तैनात रही। मृृतक का अंतिम संस्कार कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच किया गया।

शहर के मेहड़ा पुरवा गांव में भूमि के विवाद में बीते रविवार को हुए बवाल में रामपुर कारखाना की पूर्व ब्लॉक प्रमुख उषा भूषण चौहान के परिवार के दामाद सच्चिदानंद चौहान की इलाज के दौरान मंगलवार को मौत हो गई। इस घटना को लेकर मेहड़ा पुरवा में तनाव की स्थिति होने के कारण बुधवार को गांव में काफी संख्या में पुलिस तैनात रही।

 
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