संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर/मईल। सरयू नदी के बढ़ते पानी से देवरहा बाबा आश्रम चारों तरफ से पानी से घिर गया है। आश्रम को जाने वाली सड़क पर कई जगहों पर एक से दो फुट पानी बह रहा है। इससे यहां आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ गई है।
चारागाह पानी में डूब जाने से आश्रम में रह रहीं गायों के सामने चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। वहीं पूरा देवारा क्षेत्र का चारागाह बाढ़ के पानी से डूबने से क्षेत्र के मईल, मईलौटा, नरसिहडाढ़, नरियांव, देवसिया, तेलिया कलां, बेलवा, तेलिया शुक्ल, बढ़ौना, बरेजी, अकुबा सहित दर्जनों गांवों के पशुपालकों के सामने पशुओं के चारे का संकट हो गया है। आश्रम के पीठाधीश्वर श्यामसुंदर दास महाराज ने जिला प्रशासन से श्रद्धालुओं के आने जाने के लिए नाव व पशुओं को चारे के व्यवस्था की मांग की है।.
भागलपुर में शुक्रवार को सरयू नदी 24 घंटे में 10 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी कर खतरे के निशान से 43 सेमी ऊपर पहुंच गई है। नदी का जलस्तर कभी आधा सेमी तो कभी एक सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा है। यह देख तटवर्ती इलाकों में बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार, शुक्रवार की शाम चार बजे सरयू आधा सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही थी। हेड मीटर पर जलस्तर 64.53 मीटर रिकाॅर्ड किया गया, जो मीटर पर अंकित खतरे के निशान 64.10 मीटर से 43 सेमी ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के जेई प्रकाश ओझा ने बताया कि नेपाल और पहाड़ों पर हो रही बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के चलते सरयू के जलस्तर में वृद्धि हो रही है।