फर्जी व कूटरचित दस्तावेज से जमीन हड़पने के प्रयास में धोखाधड़ी का मुकदमा
- पुलिस से न्याय न मिलने पर न्यायालय मेें लगाई गुहार
- अपर सिविल जज जेडी न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। फर्जी व कूटरचित दस्तावेज के जरिए सिलिंग व एक व्यक्ति की भूमि हड़पने की नीयत से मुख्तारनामा कराने के मामले में पुलिस से न्याय न मिलने पर पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अपर सिविल जज जेडी के आदेश पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।
खामपार क्षेत्र के राजपुर निवासी जटाशंकर ने तहरीर में कहा है कि महा नदी स्याही व चकिया कोठी स्थित जमीन पर पूर्वजों के समय से काबिज हैं। इसके बगल में सिलिंग की जमीन है, जिस पर न्यायालय के आदेश नियत प्राधिकारी सलेमपुर ने जनवरी 1085 को प्रतापपुर सुगर मिल कंपनी लिमिटेड से वापस लेने का आदेश किया। यह जमीन सिलिंग की है, जो राज्य सरकार की है। इस मामले में मुख्य राजस्व अधिकारी ने भी फरवरी 1994 के आदेश में नियत प्राधिकारी सलेमपुर के आदेश को बरकरार रखते हुए सिलिंग की जमीन माना है, लेकिन बिहार प्रांत के मैैरवा निवासी जमीन हड़पने के प्रयास में थे। उन्होंने एक फर्जी कूटरचित मुख्तार नामा प्रतापपुर सुगर कंपनी के तथाकथित मैनेजर से लिखवा लिया। मैनेजर को भी जानकारी थी कि भूमि सिलिंग की। इसी क्रम में दोनों ने उनकी पैतृक भूमि को भी हड़पने की नीयत से उसके नंबरों को भी मुख्तारनामा में दर्ज करा दिया है। जटाशंकर के अनुसार इस मामले में कार्रवाई के लिए थाने से लेकर पुलिस कार्यालय तक गुहार लगाया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय की शरण ली। जेम/अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन अंकित राज सिंह ने खामपार पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विववेचना करने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने लाल बिहारी गुप्ता व स्वरूपचंद के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।