फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी करने वाले प्रधानाध्यापक पर केस
देवरिया। खंड शिक्षाधिकारी की तहरीर पर बुधवार को कोतवाली पुलिस ने फर्जी प्रमाणपत्र पर हेडमास्टर की नौकरी करने के आरोपित पर मुकदमा दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रधानाध्यापक इंटरमीडिएट में नकल के आरोप रस्टीकेट हुआ था। उसके बाद भी कूटरचना कर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करा लिया। उसे विभाग ने कुछ माह पहले पदच्युत कर दिया था।
सदर विकास खंड के फुलवरिया गांव निवासी रवि प्रकाश मणि त्रिपाठी ने बीएसए से शिकायत की थी कि कंपोजिट विद्यालय हाटा के प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार सिंह ने वर्ष 1993 में गंगा प्रसाद इंटरमीडिएट के संस्थागत छात्र के रूप में परीक्षा दी थी। इसमें रसायन विज्ञान द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा के दौरान नकल करते पकड़े जाने पर उन्हें रस्टीकेट किया गया था। इस कारण उनको पास नहीं किया गया था। इसके बावजूद इसी विद्यालय से अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र फर्जी तरीके से तैयार कर लिया।
इस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने जांच कराई और प्रधानाध्यापक से जवाब तलब किया। इसके लिए एक सप्ताह का समय देते हुए सभी प्रमाण पत्रों की मूल कॉपी मांगी गई। इस पर दिलीप सिंह ने चयन के समय बीटीसी प्रशिक्षण सहित सभी प्रमाण पत्र की छायाप्रति उपलब्ध कराई। जांच के दौरान प्रधानाचार्य गंगा प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज को पत्र भेजकर जानकारी मांगी, जिसमें पता चला कि छात्र जितेंद्र कुमार सिंह के प्रमाण पत्र पर फर्जी तरीके से दिलीप कुमार सिंह ने अपना नाम दर्ज कर प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया।
जांच में दिलीप कुमार सिंह के प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारी को मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। कोतवाली अनुज कुमार सिंह ने बताया कि फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी करने के आरोप में दिलीप कुमार सिंह पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।