स्पर्श कुष्ठ जागरुकता अभियान शुरू, कर्मियों को दिलाई गई शपथ
देवरिया। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्पर्श कुष्ठ जागरुकता अभियान का शुभारंभ रविवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने किया। जनपद को कुष्ठ रोग से मुक्त करने के लिए कर्मचारियों को शपथ दिलाई गई।
कुष्ठ निवारण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सीएमओ ने कहा कि कुष्ठ रोग के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 13 फरवरी तक अभियान चलेगा। इसमें कुष्ठ विभाग के कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता लोगों को इस बीमारी के बारे में जानकारी देंगे तथा लोगों को जागरूक करेंगे। साथ ही भ्रांतियों को दूर किया जाएगा। इससे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया तथा दो मिनट मौन रखा गया। सीएमओ को स्मृति चिह्न भेंट किया गया।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ओवरब्रिज के नीचे स्थित कुष्ठ कालोनी पहुंची, जहां फल, मिठाई, एमसीआर जूते-चप्पल व आवश्यक दवाएं वितरित की गईं। इस दौरान जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. संजय चंद, जिला कुष्ठ परामर्शदाता डॉ. इरशाद खान, अवधेश सिंह, रमायन तिवारी, उपेंद्र दत्त राय, विवेक कुुमार, मृत्युंजय उपाध्याय, एमपी तिवारी, अशोक प्रजापति, राकेश चंद आदि मौजूद रहे।
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर कुष्ठ उन्मूलन की ली शपथ
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। क्षेत्र के देईडीहा गांव में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि मनाई गई। लोगों ने कुष्ठ उन्मूलन की शपथ ली और रैली निकाल कर लोगों को जागरूक किया।
सर्वप्रथम लोगों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी का सपना था कि देश कुष्ठ रोग से मुक्त हो। उन्होंने घृणा करने की जगह बिना किसी भेदभाव के रोगियों का इलाज कराने की मुहिम छेड़ी थी। पंचायत भवन पर शपथ ग्रहण के बाद लोगों ने कुष्ठ रोग के खिलाफ जागरुकता रैली निकाली, जो गली-कूचों से होकर पंचायत भवन पर पहुंची और सभा में तब्दील हो गई। इस दौरान सचिव नवनीत सिंह, प्रधान रामनिवास चौरसिया, एएनएम सावित्री सिंह, आंगनबाड़ी प्रतिभा देवी, प्रियंका देवी, अंकित यादव आदि मौजूद रहे।
उपचार से ठीक हो सकता है कुष्ठ रोग
शंका होने पर स्वास्थ्य केंद्र पर करें संपर्क
कुष्ठ की पुष्टि होने पर निशुल्क चिकित्सकीय सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कुष्ठ रोग माइको बैक्टीरिया लेप्रे (नामक जीवाणु) से होता है। उपचार से यह रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है। कुष्ठ रोगी से भेदभाव नहीं करना चाहिए।
शहर क्षेत्र की एक महिला ने बताया कि वर्ष 2020 में उसके शरीर पर सुन्न दाग हो गए। हाथ व पैर में झनझनाहट एवं कमजोरी महसूस होने लगी। वह काफी परेशान हो गई। दवा ली, लेकिन फायदा नहीं हुआ। इसके बाद जिला कुष्ठ रोग अधिकारी के कार्यालय में पहुंची, जहां परामर्श दिया गया और कुष्ठ रोग बताया गया। इसके बाद उसकी दवा शुरू की गई। बारह माह दवा चलने के बाद अब वह स्वस्थ है। उसके पुराने लक्षण भी ठीक हो गए हैं।
यहीं की एक युवती ने कहा कि वर्ष 2019 में उसके शरीर पर सुन्न दाग हो गया। आसपास के चिकित्सकों से इलाज कराई, लेकिन वह ठीक नहीं हुआ। लोगों की सलाह पर जिला कुष्ठ रोग अधिकारी कार्यालय में गई और छह माह दवा खाने के बाद स्वस्थ हो गई।
जिले में चिह्नित हैं 138 कुष्ठ रोगी, 82 हुए ठीक
देवरिया। जनपद में अप्रैल 2021 से दिसंबर तक 138 नए कुष्ठ रोगी चिह्नित किए गए हैं। इन्हें राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत निशुल्क चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसमें से 82 मरीज ठीक भी हुए हैं।
जिला कुष्ठ रोग परामर्शदाता डॉ. इरशाद आलम खान ने बताया कि कुष्ठ रोगियों के नियमित इलाज के बाद रोग के कीटाणु समाप्त हो जाते हैं। एमबी (असंक्रामक) कुष्ठ रोगी को सरकारी अस्पतालों में 12 ब्लिस्टर दवा एवं पीबी (संक्रामक) कुष्ठ रोगी को छह ब्लिस्टर दवा उपलब्ध कराई जाती है, जिसे खाना जरूरी है। एक ब्लिस्टर दवा 28 दिन के लिए होती है।
कुष्ठ रोग के लक्षण
- रोगी के शरीर के संक्रमित स्थानों की संवेदनशीलता समाप्त हो जाती है और शरीर के प्रभावित भागों पर स्पर्श महसूस नहीं होता है।
- कुछ मामलों में पहले त्वचा पर दो से तीन सेमी व्यास के पीलापन और लाल रंग लिए चमकदार चकत्ते उभरते हैं। इनमें सूजन आ जाती है।
- हाथ, उंगली या पैर की अंगुली, तलवा में सूनापन
- मुंह तथा संक्रमित स्थानों की त्वचा मोटी हो जाती है और नाड़ियों में सिकुड़न महसूस होती है।
- हाथ-पैर और आंखों में कमजोरी, नसों में सूजन, मोटापन या दर्द, चेहरे, शरीर, और कान पर गांठें और घाव, (जिसमें दर्द न हो रहा हो) के अलावा हाथ और पैरों में विकृति के अंतिम चरण में उंगलियों में घाव बन जाते हैं और ये गलकर समाप्त हो जाते हैं।
नियमित दवा के सेवन से कुष्ठ रोग समाप्त हो जाता है। सदर अस्पताल सहित सभी पीएचसी में कुष्ठ रोगियों के लिए पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। शरीर में पांच से अधिक सुन्न दाग और दो नसें प्रभावित रहने वाला व्यक्ति एमबी तथा एक से पांच सुन्न दाग और एक नस प्रभावित रहने वाला व्यक्ति पीबी कुष्ठ रोगी की श्रेणी में आता है। कुष्ठ के रोगी एमडीटी दवा से ठीक हो जाते हैं। कुष्ठ से दिव्यांग मरीजों को हर माह तीन हजार रुपये पेंशन दी जाती है। साथ ही कुष्ठ से दिव्यांग मरीजों का मुफ्त ऑपरेशन कराया जाता है और उन्हें तीन किस्तों आठ हजार रुपये दिए जाते हैं। -डॉ. संजय चंद, जिला कुष्ठ अधिकारी