आशा कार्यकर्ताओं ने देवरिया क्लब में आयोजित आशा सम्मेलन में जमकर बवाल किया। इसके पूर्व विकास भवन के सामने गोरखपुर-देवरिया मार्ग ढाई घंटे जाम कर अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की। उनके तेवर देख सीएमओ और एसडीएम सदर बैकफुट पर रहे। दस दिन के भीतर मांगों पर निर्णय लेने के आश्वासन पर प्रदर्शन खत्म किया।
आशा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय कार्यक्रमों पल्स पोलियो, टीकाकरण आदि का बहिष्कार कर सड़क जाम का निर्णय लिया था। शनिवार सुबह देवरिया क्लब में आयोजित आशा सम्मेलन का बहिष्कार कर टाउनहाल गेट के पास जुटने लगीं।
सुबह करीब 10 :15 बजे आशा कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष दुुर्गावती के नेतृत्व में विकास भवन गेट पर देवरिया-गोरखपुर मार्ग जाम कर धरना-प्रदर्शन किया। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। मालवीय रोड पर आवागमन ठप हो गया।
सीएमओ डॉ. एसएन सिंह, एसडीएम सदर सचिन कुमार सिंह, प्रभारी इंस्पेक्टर अनिल पांडेय जाम स्थल पर पहुंचकर समझाने लगे। महिलाओं ने अफसरों को भला बुरा कहा। सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगीं। उनके तेवर देेखकर अफसर बैकफुट पर आ गए।
एसडीएम ने शासन को पत्र भेेजने की बात कहकर समझाने की कोशिश की। लेकिन वे डीएम को मौके पर बुलाने की मांग करने लगीं। एसडीएम ने लिखित रूप से आश्वासन दिया कि दस दिन के भीतर उच्चाधिकारियों से बातचीत कर उचित निर्णय लिया जाएगा।
करीब 12:30 बजे सड़क जाम खत्म हुआ। कुछ आशा कार्यकर्ताएं देवरिया क्लब में आयोजित आशा सम्मेलन में पहुंची और कुर्सियों को तोड़ डाला और हंगामा किया।
प्रदर्शन में संरक्षक श्याम बहादुर सिंह, रामजी पासवान, ज्ञांती देवी, सुमन सिंह, मीना निषाद, गीता सिंह, बसंती देवी, अंजनी, ज्ञानवंती, मीरा सिंह, मंजू, किरन, गायत्री, सुभावती, सरस्वती, बीना, कविता राय, सुनीता आदि मौजूद रहीं।