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अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग सख्त

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अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग सख्त
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देवरिया। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में बिना पंजीकरण के चल रहे नर्सिंग होम व पैथालॉजी पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। एक माह में पकड़े गए आधा दर्जन हास्पिटल तथा क्लीनिक के संचालकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज कराया है, इनमें दो का पंजीकरण भी निरस्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई से अवैध नर्सिंग होम, पैथालॉजी व क्लीनिक संचालकों में हड़कंप मच गया है।
जनपद में लगभग सभी तहसील क्षेत्रों में अवैध नर्सिंग होम, पैथालॉजी, क्लीनिक का संचालन किया जा रहा है। यहां आने वाले मरीजों एवं तीमारदारों का इलाज के नाम पर जमकर शोषण किया जाता है। अधिकांश जगह अप्रशिक्षित लोग तैनात किए गए हैं, वे मरीजों का इलाज करते हैं। मरीज की हालत बिगड़ने पर अस्पताल कर्मी मरीज को दूसरे अस्पताल में ले जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं, जो कभी-कभी मरीजों के लिए घातक साबित होता है। अब ऐसे अस्पतालों व संचालकों की खैर नहीं होगी। इसे लेकर मिल रही शिकायतों गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए टीम गठित की है। टीम सक्रिय हो गई है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले एक माह के अंदर दो दर्जन स्थानों पर निरीक्षण किया गया। साथ ही पंजीकरण से संबंधित कागजात दिखाने के लिए समय भी दिया गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने छह संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें दो का पंजीकरण भी निरस्त कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से ऐसे अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
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इनके खिलाफ हुई एफआईआर
स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण में अवैध रूप से संचालित मिले छह हास्पिटल व क्लीनिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इनमें देवरिया शहर का जीवन आरोग्य हास्पिटल, न्यू सबेरा हास्पिटल, वैद्य रहमानी क्लीनिक, भटनी उपनगर स्थित एमके शर्मा क्लीनिक तथा सलेमपुर का तान्या हास्पिटल, आलम क्लीनिक शामिल है, जबकि जीवन आरोग्य व तान्या हास्पिटल का पंजीकरण भी निरस्त कर दिया गया है।
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जनपद में चल रहे अवैध हास्पिटल, पैथालॉजी व क्लीनिक के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। दो दर्जन से अधिक स्थानों पर निरीक्षण किया गया। अवैध रूप से संचालित हो रहे तीन हास्पिटल व तीन क्लीनिक के संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें दो का पंजीकरण भी निरस्त कर दिया गया है। अभियान आगे भी जारी रहेगा। -डॉ. राजेंद्र प्रसाद, एसीएमओ
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